जागरण संवाददाता, नारनौल:

रक्षा बंधन के पर्व को लेकर बाजारों में रौनक छाने लगी है। तीन अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। बाजार रंग बिरंगी राखियों से सज गए हैं। वहीं पेठे की मिठाई की बहार आ गई है। गत तीन वर्षों तक प्रदेश सरकार ने बहनों के लिए रोडवेज की बसों में मुफ्त जाने की सुविधा प्रदान करके सराहनीय काम किया है कितु इस बार न तो अधिक बसें चल रही हैं और न ही महिलाओं को मुफ्त जाने आने की सुविधा दी है। राखी बेचने वाले योगेश कुमार, रोहित कुमार, कृष्ण कुमार ने बताया कि अब डोरा राखी ज्यादा पसंद की जाती हैं। एक तो ये भेजने में हल्की होती हैं। वहीं इन राखियों को युवा वर्ग पसंद करता है। बाजार में विभिन्न प्रकार की राखियों का जोर है, कितु डोरा राखी अधिक पसंद की जा रही हैं। अब पुराने वक्त में प्रयोग की जाने वाली चौड़ी-चौड़ी राखियां देखने को नहीं मिल रह हैं। संगीत निकालने वाली एवं रोशनी करने वाली कई प्रकार की राखियां बाजार में आ चुकी हैं।

राखी भेजने के बदले तरीके :

रक्षा पर्व पर बहनों द्वारा भाई के लिए भेजी जाने वाली राखियों का भेजने के तरीके भी बदल गए है। अब तो ऑनलाइन राखी भेजी जाती हैं। एक जमाना था जब इन दिनों डाकघर के द्वारा सबसे अधिक राखियां भेजी जाती थी। कनीना के पोस्टमैन राजेंद्र सिंह का कहना है कि उस वक्त 20 दिनों से लेकर एक माह तक केवल राखियों के पैकेट घर घर पहुंचाए जाते थे। इसके बाद कोरियर सेवा की ओर रुझान बढ़ा। इस प्रकार रक्षा पर्व भी हाइटेक हो गया है।

रविवार को भी बटेगी डाक :

रक्षाबंधन पर्व के चलते रविवार को भी डाक बांटी जाएगी। शनिवार को ईद होने के कारण डाकघरों का अवकाश रहा है। रविवार को कार्यालय में कार्य नहीं होगा, कितु डाक वितरण का कार्य होगा। पोस्टमैन राजेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को रक्षाबंधन के पर्व के ²ष्टिगत डाक वितरण करने का कार्य किया जाएगा, क्योंकि इस बार कोरोना के चलते अधिकांश महिलाओं ने राखियां डाक से भेजी हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस