जागरण संवाददाता, नारनौल:

जिला के शारीरिक शिक्षकों ने खंडस्तर पर धरना देकर रोजगार की रक्षा करने की गुहार लगाई है। जिला के सभी खंडों में शारीरिक शिक्षकों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। नारनौल खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कृष्णा सोनी, प्रकाशवीर, आशीष यादव, कर्पा देवी अनशन पर बैठे। शाम को खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। शारीरिक शिक्षकों का कहना था कि शिक्षा विभाग की ओर से 2010 में लगे सभी शारीरिक शिक्षकों को समय से पहले ही बिना सोचे समझे सेवा से कार्यमुक्त कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने भी लॉकडाउन के बाद पांच महीने के अंदर फिर से भर्ती करने के आदेश दिए थे। सरकार ने जल्दबाजी करते हुए वर्षों से सेवा कर रहे शारीरिक शिक्षकों को एक झटके में कार्यमुक्त कर बेरोजगार करने का काम किया। शारीरिक शिक्षकों को निर्दोष होते हुए भी राजनीति से प्रेरित होकर नौकरी से निकाला गया है। सभी कर्मचारियों की तीन से चार बार उनके डॉक्यूमेंट्स की हर स्तर पर जांच हो चुकी है। न्यायालय में भी किसी कर्मचारी का कोई दोष नहीं पाया गया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अपनायी गई भर्ती प्रक्रिया में ही खामियां उजागर हुईं हैं लेकिन इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक व मानवीय ²ष्टिकोण अपनाते हुए सेवा में फिर से बहाल करने की मांग की है। शिक्षकों ने सरकार के इस निर्णय के विरोध में 15 जून से जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

Edited By: Jagran

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