यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पूर्व प्रधानमंत्री, मदन मोहन व तुलसी पूजन पर गौड़ ब्राह्मण सभा में हुआ कवि सम्मेलन
संयुक्त भारतीय धर्म संसद हरियाणा प्रांत द्वितीय द्वारा गौड़ ब्राह्मण सभा नारनौल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व मदन मोहन मालवीय के जन्मोत्सव पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया।

जागरण संवाददाता, नारनौल: संयुक्त भारतीय धर्म संसद हरियाणा प्रांत द्वितीय द्वारा गौड़ ब्राह्मण सभा नारनौल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व मदन मोहन मालवीय के जन्मोत्सव पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व मदन मोहन मालवीय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान तुलसी दिवस भी मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डा. रामनिवास मानव ने अपने संबोधन में कहा कि देश की प्रगति और उत्थान में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व मदन मोहन मालवीय के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की प्रगति व उत्थान के लिए लगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संयुक्त भारतीय धर्म संसद हरियाणा प्रांत द्वितीय के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश मेहता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 18 वर्ष की आयु में भारत छोड़ो आंदोलन में 23 दिन के लिए जेल गए। स्वर्गीय वाजपेयी राजनीतिक में एक ऐसा नाम था जिनका विपक्षी दल भी सम्मान करते थे। मदन मोहन मालवीय चार बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। मरणोपरांत उन्हें देश का सर्वाधिक प्रतिष्ठित सम्मान भारत रत्न 2014 में प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान बाहर से पधारे कलाकारों ने कवि सम्मेलन के दौरान अपनी रचनाओं से उपस्थित लोगों का समा बांधा। इस अवसर पर कवि, संजय पाठक, प्रेम सिंह रेवाड़ी, प्रो.मुकुट अग्रवाल, जाट महासभा के प्रधान विजय पाल, पूर्व चेयरमैन गोविद भारद्वाज, सुनील गौड़, किशन शर्मा, ओमप्रकाश चौबे, दलीप शर्मा, विनय शर्मा, दिनेश कुमार शर्मा, निरंजन मेहता, मास्टर किशनलाल, दयाकृष्ण शांडिल, केदारनाथ, पूर्व प्रधान भगवानदास सैनी, सरदार बलदेव चहल, रोशन लाल गौड़, धर्मपाल हेड मास्टर व अजय शर्मा एडवोकेट सहित अनेकों लोग मौजूद थे।
