हरियाणा के सरकारी शिक्षकों का ट्रेनिंग मॉड्यूल बदला, सिर्फ हाजिरी नहीं, 6 दिन तक ऐसे परखी जाएगी योग्यता
नारनौल में निपुण हरियाणा मिशन के तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल में बदलाव किया गया है। अब प्रशिक्षण में शिक्षकों की योग्यता का लगातार आकलन होगा।

डॉ. विक्रम सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक
HighLights
शिक्षकों के प्रशिक्षण में अब योग्यता का आकलन होगा।
छह दिवसीय प्रशिक्षण में लगातार प्रदर्शन परखी जाएगी।
तीसरे दिन टेस्ट और गतिविधियों से अंक मिलेंगे।
जागरण संवाददाता, नारनौल। अब निपुण हरियाणा मिशन के तहत होने वाली शिक्षकों की ट्रेनिंग महज हाजिरी लगाने और प्रशिक्षण पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी।
प्रशिक्षण में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपनी विषय संबंधी समझ, शिक्षण कौशल और गतिविधियों में प्रदर्शन के जरिए काबिलियत साबित करनी होगी।
इसके लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों के प्रदर्शन का लगातार आकलन किया जाएगा। तीसरे दिन बाकायदा टेस्ट होगा और उसमें प्राप्त अंक शिक्षक के प्रमाणपत्र पर दर्ज किए जाएंगे।
प्रशिक्षण के नए ढांचे का उद्देश्य यह देखना है कि शिक्षक प्रशिक्षण में बताई जा रही तकनीकों को केवल सुन रहे हैं या उन्हें कक्षा में लागू करने की क्षमता भी रखते हैं।
गतिविधि आधारित शिक्षण, बच्चों की भागीदारी बढ़ाने, कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने और विद्यार्थियों की समझ को परखने के तरीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
छह दिन तक हर दिन होगी परीक्षा जैसी कसौटी
प्रशिक्षण में शिक्षकों की गतिविधियों और प्रदर्शन की प्रतिदिन रिपोर्टिंग होगी। उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, लेकिन केवल उपस्थिति प्रशिक्षण की सफलता का आधार नहीं होगी।
शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों और कक्षा परिस्थितियों से जुड़े अभ्यासों में प्रदर्शन करना होगा। अधिकारी प्रशिक्षण की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
तीसरे दिन टेस्ट में प्राप्त अंक प्रमाणपत्र पर दर्ज किए जाएंगे। चौथे दिन बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता बैच की घोषणा होगी और छठे दिन पुरस्कार वितरण किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
एक बैच में 40 शिक्षक, हर ब्लॉक में चार बैच
प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक बैच में 40 शिक्षक शामिल होंगे। प्रत्येक ब्लॉक में चार बैच बनाए जाएंगे। इस व्यवस्था के जरिए शिक्षकों को छोटे समूहों में गतिविधियों और अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।
बच्चे कैसे सीख रहे, अब शिक्षक सीखेंगे कैसे पढ़ाना
प्रशिक्षण का फोकस सीधे प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की सीखने की क्षमता से जुड़ा है। शिक्षकों को बच्चों की सीखने की गति और स्तर के अनुसार शिक्षण रणनीति तैयार करने का अभ्यास कराया जाएगा।
कक्षा में किसी बच्चे को विषय समझने में दिक्कत हो तो उसे किस तरीके से समझाया जाए, बच्चों की भागीदारी कैसे बढ़ाई जाए और उनकी समझ को तत्काल कैसे परखा जाए, इन पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कठिन विषयों को गतिविधियों के माध्यम से सरल और रुचिकर बनाने पर भी जोर रहेगा। यानी शिक्षक के लिए चुनौती केवल पाठ पूरा कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगी कि बच्चे ने वास्तव में सीखा भी है।
बुनियादी पढ़ाई और गणना पर रहेगा जोर
निपुण हरियाणा मिशन का लक्ष्य प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान की मजबूत नींव तैयार करना है।
इसके तहत शिक्षकों को पढ़ने, लिखने और गणना संबंधी क्षमताओं को मजबूत करने वाली गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा। उम्मीद है कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षक बच्चों के स्तर के अनुरूप पढ़ाने की रणनीति बेहतर तरीके से अपना सकेंगे।
वीडियो-मॉड्यूल से लेकर इंटरनेट मीडिया तक होगा प्रशिक्षण
जिला एफएलएन समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि निपुण हरियाणा की ओर से विकसित विशेष वीडियो और गतिविधि आधारित माड्यूल के माध्यम से शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के जरिए भी ज्ञान साझा किया जाएगा। एससीईआरटी गुरुग्राम और डाइट के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण की प्रगति की निगरानी की जाएगी।
प्रशिक्षण को केवल उपस्थिति तक सीमित रखने के बजाय शिक्षकों के प्रदर्शन और सीखने को भी परखा जाएगा। टेस्ट, गतिविधियों और प्रतिदिन के प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आकलन किया जाएगा।
- डॉ. विक्रम सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक
