नारनाैल, जागरण संवाददाता। हरियाणा और राजस्थान पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला को गुर्जर को सोमवार को नारनौल की अदालत ने दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने बिमला हत्याकांड की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के जरिये करने के बाद पपला को दोषी करार दिया है।पपला को 26 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने पपला को फांसी देने की सजा की मांग की है। हालांकि मंगलवार को न्यायाधीश दोषी को फांसी की सजा सुनाएंगे या फिर उमरकैद यह कल ही पता चल सकेगा।

बिमला 21 अगस्त 2015 को अपने घर में रात के समय सोई हुई थीं। विक्रम उर्फ पपला के साथियों ने बिमला पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी और 23 गोलियां उसको लगी थी। बिमला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। बिमला अपने पिता श्रीराम व बेटे संदीप की हत्या के मामले में गवाह थी और उसका आरोप था कि ये हत्याएं भी पपला गैंग ने ही की हैं। पपला गुर्जर ने बिमला को राजीनामा के लिए प्रयास किए थे, लेकिन उसने पपला का दबाव नहीं माना था। इस बात से बिमला से पपला नाराज था।

पपला के साथी संदेह का लाभ लेकर हो चुके हैं 2018 में बरी

12 अप्रैल 2018 को इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारनौल की अदालत ने पपला गुर्जर के साथियों को सबूत न होने के कारण संदेह के चलते बरी कर दिया था। अब इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने पपला को दोषी करार दे दिया है। यह मुकदमा महेंद्रगढ़ पुलिस थाने में 21 अगस्त 2015 को धारा 148,149,302, 120 बी व आर्म्ज एक्ट 25 के तहत पपला गुर्जर व उसके साथियों के खिलाफ दर्ज किया गया था।

फांसी के लिए दलील दूंगा-अजय चौधरी

पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है। मौके के गवाह तथा बिमला की पीएमआर में 23 गोली लगना, एफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक बिमला के शव से नौ एमएम या देशी कट्टे की गोली मिलने से यह साबित किया है कि गोलियां पपला गुर्जर व उसके साथियों चलाई। क्योंकि पपला ने पुलिस के सामने स्वीकार किया था कि गोलियां उसने चलाई थी। उसके साथी ने देशी पिस्तौल से गोली चलाई थी। तमाम सबूतों व गवाह की गवाही के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की अदालत ने विक्रम उर्फ पपला को दोषी करार दिया है। उसे सजा को लेकर 26 अक्टूबर को बहस होगी।बहस के दौरान मैं पपला को फांसी दिलाने की दलील दूंगा।

अजय चौधरी, अधिवक्ता, बिमला पक्ष

Edited By: Vinay Kumar Tiwari