25 दिन से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, कूड़े के ढेर में तब्दील हुए नारनौल के बाजार और गली-मोहल्ले
नारनौल में सफाई कर्मचारियों की 25 दिन से जारी हड़ताल के कारण शहर के बाजारों और मोहल्लों में कूड़े के ...और पढ़ें
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कूड़े के ढेर में तब्दील हुए नारनौल के बाजार और गली-मोहल्ले। जागरण
HighLights
नारनौल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का 25वां दिन।
शहर के बाजारों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे।
दुर्गंध और बीमारियों के खतरे से लोग परेशान।
जागरण संवाददाता, नारनौल। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही प्रदेशव्यापी हड़ताल का रविवार को 25वां दिन है। लंबे समय से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर के मुख्य बाजारों से लेकर गली-मोहल्लों तक जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं।
नियमित उठान नहीं होने से अब कचरा सड़कों तक फैलने लगा है, जिससे आम लोगों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के बस स्टैंड, रेवाड़ी रोड, महावीर चौक, महेंद्रगढ़ रोड, सिंघाना रोड, पुल बाजार, बजाजा बाजार, पुस्तक गली, शिवाजी नगर, मिश्रवाड़ा, संघीवाड़ा, देवस्थान, आजाद चौक, महता चौक, बहरोड़ रोड, सब्जी मंडी और लोहा मंडी सहित अनेक स्थानों पर कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कई जगह कचरा सड़क के किनारे फैलने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।
दुर्गंध से दुकानदार और ग्राहक परेशान
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर कई दिनों से कचरा पड़ा होने के कारण आसपास का वातावरण दूषित हो गया है। कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को मुंह पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ रहा है। बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों को भी गंदगी के बीच से गुजरना पड़ता है।
लोगों ने आशंका जताई कि लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।शहरवासी मनोज कुमार, राजेश, संजय, महेश और विजय कुमार ने बताया कि सफाई व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
उन्होंने जिला उपायुक्त से हस्तक्षेप कर शहर में जमा कचरे का उठान करवाने तथा लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
हड़ताल लंबी खिंचने से बढ़ी चिंता
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 6 अगस्त से जारी है। 25 दिन बीतने के बावजूद सफाई व्यवस्था सामान्य नहीं होने से शहरवासियों की चिंता बढ़ रही है।
लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग को जल्द समाधान निकालना चाहिए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके और आमजन को गंदगी व दुर्गंध से राहत मिल सके।
