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2020 के पोक्सो मामले में कड़ा फैसला, नारनौल कोर्ट ने दोषी अर्जुन को 20 वर्ष कैद और 50 हजार के जुर्माने की दी सजा

Published: Thu, 26 Mar 2026 05:56 PM (IST)

नारनौल की फास्ट ट्रैक पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से जघन्य अपराध के मामले में दोषी अर्जुन को 20 साल ...और पढ़ें

न्यायालय के आदेशानुसार, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को पांच महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।

न्यायालय के आदेशानुसार, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को पांच महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।

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जागरण संवाददाता, नारनौल। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो एक्ट), नारनौल ने नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपित बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले अर्जुन को दोषी करार देते हुए पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेशानुसार, जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को पांच महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।

तबीयत बिगड़ी तो सामने आया सच

घटना साल 2020 मार्च माह में महेंद्रगढ़ क्षेत्र में घटित हुई थी। घटना वाले दिन दोपहर के समय जब बच्ची अपने कमरे के बाहर खेल रही थी, तभी सामने के कमरे में किरायेदार के रूप में रहने वाले व्यक्ति ने मासूम को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले जाकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब उसकी मां वहां पहुंची, तो दोषी ने बच्ची को कमरे से बाहर निकाल दिया। बच्ची की तबीयत बिगड़ने और उसके द्वारा अपने साथ हुई ज्यादती बताने के बाद, पीड़िता की मां ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।

सभी जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसी दिन एफआईआर दर्ज कर पोक्सो एक्ट की धारा छह के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस टीम और जांच अधिकारियों ने इस मामले में सभी जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए और अदालत में चालान पेश किया।

मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट/अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश केपी सिंह ने की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान सहायक जिला न्यायवादी नवीन श्योराण ने मामले में अभियोजन के पक्ष में प्रभावशाली पैरवी करते हुए न्यायाधीश के सम्मुख दलीलें पेश करते हुए दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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