यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगले साल के अंत तक मिल सकेगा स्थायी बस स्टैंड
आखिरकार नांगल चौधरी शहर को मिलने वाले नए रोडवेज बस स्टैण्ड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

संवाद सहयोगी, नांगल चौधरी: आखिरकार नांगल चौधरी शहर को मिलने वाले नए रोडवेज बस स्टैण्ड के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। परिवहन विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग को जमीन उपलब्ध करवाने के बाद निर्माण कार्य शुरू होना है।
बहरोड़ रोड पर बाइपास के नजदीक करीब एक एकड़ से अधिक जमीन पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बनने वाले बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य ठेकेदार 9 दिसंबर से शुरू कर देगा। यदि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो टेंडर की शर्तों के मुताबिक ठेकेदार द्वारा नौ महीनों में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इससे 2021 के अंत तक शहर को स्थायी बस स्टैण्ड मिल जाएगा। इसके बाद यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार नही करना पड़ेगा। यूं हुई बस स्टैण्ड निर्माण की जरूरत
पहले नांगल चौधरी पंचायत के अधीन छोटा कस्बा था। धीरे-धीरे शहर का विस्तार होने से नांगल चौधरी को तहसील व नगर पालिका का दर्जा मिला। इससे शहर में लोगों का आवागमन बढ़ गया। लेकिन उनकी सुविधा को लेकर शहर में स्थायी बस स्टैंड उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को हिसार-जयपुर सड़क मार्ग पर खड़े होकर ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। इससे यात्री दुर्घटना के मामले भी बढ़े हैं। 28 मई 2015 को नांगल चौधरी में विकास रैली आयोजित की गई थी, जिसमें सीएम मनोहरलाल खट्टर मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने क्षेत्रवासियों की मांग पर बहरोड़ रोड़ पर बस स्टैंड निर्माण की मंजूरी दी। जमीन अधिग्रहीत होने से अटक गया था निर्माण
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद बस स्टैण्ड निर्माण के निर्माण के लिए रोडवेज विभाग को बजट उपलब्ध करवाया गया। विभागीय औपचारिताएं पूरी होने के बाद बस स्टैंड निर्माण के टैंडर भी छोड़े गए। ठेकेदार को तीन बेज के बनने वाले बस स्टैण्ड का निर्माण एक साल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। इससे लोगों को जल्द सुविधाएं मिलने की आस बंधी। लेकिन एक महीने बाद ही हाईकोर्ट ने बस स्टैंड के निर्माण पर रोक लगा दी।
इसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नियमानुसार नहीं करने का तर्क दिया गया। सरकार को जमीन मालिक को संतुष्टि करने के आदेश दिए गए। शहर के लोगों के आग्रह पर जमीन मालिक राजबीर जेलदार ने बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति दे दी। सीएम मनोहर लाल 13 नवंबर 2017 को रिमोट से नांगल चौधरी बस स्टैण्ड का शिलान्यास कर चुके हैं लेकिन शहर को स्थायी बस स्टैण्ड अभी तक नहीं मिल पाया।
चूंकि बस स्टैण्ड के लिए निर्धारित जमीन ही शहर के बाइपास निर्माण के लिए अधिग्रहीत हो गई थी। इससे बस स्टैण्ड निर्माण का मामला फिर से अधर में अटक गया। पूर्व में शहर का बाइपास फोरलेन बनना था। इसके लिए 134 फीट जमीन अधिग्रहित की गई थी। फोरलेन बाइपास के साथ ही बहरोड़ रोड़ पर बस स्टैण्ड के लिए भी करीब आठ कैनाल जमीन ली गई थी।
भाजपा सरकार ने इसे बाद में छह लेन घोषित कर दिया। इससे 200 फीट और जमीन अधिग्रहित करने की ओर जरूरत पड़ी। बाइपास के लिए 68 फीट जमीन का और अधिग्रहण होने से बस स्टैण्ड की घोषित अधिकतर जमीन भी अधिग्रहीत हो गई थी। इससे निर्माण कार्य अटक गया था। लेकिन बाद में रोडवेज विभाग ने कलेक्टर रेट पर ही नए सिरे से जमीन ली, जिसके बाद ही बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य संभव हो पाया है। नांगल चौधरी बस स्टैण्ड निर्माण के लिए ठेकेदार को टेंडर छोड़ा हुआ है। कुछ जमीनी पेंच फंसने से निर्माण कार्य में देरी हो गई थी। ठेकेदार को जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कहा गया है। टेंडर के मुताबिक ठेकेदार को अगले नौ महीने में बस स्टैंड निर्माण का काम पूरा करने की हिदायत दी गई है।
सज्जन कुमार, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग नारनौल बुधवार से बस स्टैण्ड का निर्माण कार्य शुरू कर देंगे। टेंडर की शर्तो के मुताबिक इसका निर्माण कार्य भी समय पर ही पूरा कर लिया जाएगा।
सुभाष ठेकेदार
