पैरा एशियन गेम्स में छाईं मोना अग्रवाल, पोलियो की चुनौती को पछाड़कर जीते 2 स्वर्ण; समापन समारोह में थामेंगी तिरंगा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता है। हरियाणा के कालबा ...और पढ़ें

पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल, जागरण।
HighLights
मोना अग्रवाल ने निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड तोड़ा।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में जीता स्वर्ण पदक।
राजस्थान की बेटी, हरियाणा की बहू ने बढ़ाया मान।
विपिन कुमार, नारनौल। सरहदें राज्यों को बांट सकती हैं, लेकिन गौरव की कोई सरहद नहीं होती। राजस्थान की जिस बेटी ने अपनी मेहनत से दुनिया में भारत का नाम रोशन किया, वही बेटी हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कालबा गांव की बहू भी है।
पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच-1 स्पर्धा में विश्व रिकार्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीता तो उनकी इस उपलब्धि की खुशी दो राज्यों से जुड़ गई।
बहू की कामयाबी से महेंद्रगढ़ में खुशी
राजस्थान में जन्मी और वर्तमान में जयपुर में पति रविंद्र चौधरी के साथ रह रही मोना का कालबा गांव से जुड़ा रिश्ता महेंद्रगढ़ जिले के लिए भी गर्व का विषय है। राजस्थान की बेटी और हरियाणा की बहू ने अपनी कामयाबी से दोनों ओर खुशियों की एक ही कहानी लिख दी।
मोना की कहानी को खास बनाता है वह संघर्ष, जिसे उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी पहचान के आगे कभी हावी नहीं होने दिया।
मोना ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
पोलियो के कारण चलने-फिरने में चुनौती का सामना करने वाली मोना ने निशानेबाजी को अपनी ताकत बनाया। जिस शरीर को दुनिया अक्सर उसकी सीमाओं से पहचानती है, उसी शरीर की चुनौतियों के बीच मोना ने अपने हुनर को इस मुकाम तक पहुंचाया कि विश्व रिकॉर्ड उनके नाम हो गया।
उनकी उपलब्धि का संदेश साफ है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए परिस्थितियों का अनुकूल होना जरूरी नहीं, इरादों का मजबूत होना जरूरी है।
रिकार्ड तोड़ साधा निशाना
शुक्रवार को आइची प्रीफेक्चर जनरल शूटिंग गैलरी में मोना ने 357.5 अंक हासिल किए। इसके साथ ही उन्होंने स्वीडन की अन्ना बेन्सन के 356 अंकों के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बेन्सन ने इसी साल जुलाई में नोवी साद में यह रिकॉर्ड बनाया था।
मोना का इस पैरा एशियन गेम्स में यह दूसरा स्वर्ण पदक है। दो स्वर्ण पदकों के साथ उन्होंने साबित किया कि उनकी सफलता किसी एक दिन के शानदार प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर करने की क्षमता का परिणाम है।
कालबा की बहू के नाम एक और ऐतिहासिक सम्मान
महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में राजस्थान की सीमा से सटा कालबा गांव अब मोना की इस उपलब्धि के कारण भी चर्चा में है। यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उस रिश्ते का गौरव भी है, जो दो राज्यों को जोड़ता है।
एक ओर राजस्थान की बेटी की कामयाबी का जश्न है, तो दूसरी ओर हरियाणा की बहू की उपलब्धि पर गर्व। मोना ने अपने प्रदर्शन से यह दिखाया है कि प्रतिभा को किसी राज्य की सीमा में नहीं बांधा जा सकता।
अब तिरंगा थामकर करेंगी देश का प्रतिनिधित्व
मोना की उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ने जा रहा है। शनिवार को नागोया में होने वाले पैरा एशियन गेम्स के समापन समारोह में वह निषाद कुमार के साथ भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी। दोनों खिलाड़ियों ने इन खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
विश्व रिकार्ड बनाने के बाद देश का तिरंगा थामना मोना के लिए गौरव का एक और क्षण होगा। उनकी कहानी पदकों और अंकों से आगे बढ़कर उस हिम्मत की कहानी बन गई है, जो चुनौतियों के बीच भी अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ती है।
