विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

महेंद्रगढ़ में बंदरों और आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम, नगरपालिका ने दोबारा जारी किया टेंडर

Published: Fri, 09 Oct 2026 02:26 PM (IST)

महेंद्रगढ़ नगरपालिका ने शहर में बंदरों और आवारा पशुओं के आतंक से निपटने के लिए टेंडर जारी किए हैं, लेकिन ...और पढ़ें

महेंद्रगढ़ में बंदरों और आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम ( एआई जेनरेटेड इमेज )

महेंद्रगढ़ में बंदरों और आवारा पशुओं पर लगेगी लगाम ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. नगरपालिका ने 1000 बंदरों और 1000 आवारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर जारी किया।

  2. पहली बार कम दर के कारण किसी एजेंसी ने टेंडर में भाग नहीं लिया।

  3. दोबारा टेंडर आमंत्रित, शहरवासियों की सुरक्षा नगरपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता।

जागरण संवाददाता, महेंद्रगढ़। शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक और सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं से आमजन को राहत दिलाने के लिए नगरपालिका द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नगरपालिका द्वारा 1000 बंदरों और 1000 आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया गया है।

पहली बार टेंडर प्रक्रिया में किसी भी एजेंसी द्वारा भाग नहीं लेने के कारण नगरपालिका ने दोबारा टेंडर आमंत्रित किया है। वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही टेंडर खोला जाएगा।

आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए प्लान तैयार

नगरपालिका द्वारा बंदरों और आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगभग 600 रुपये प्रति पशु की निर्धारित दर रखी गई है। इस दर पर एजेंसियों की रुचि कम होने के कारण पहली बार कोई एजेंसी टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं हुई। नगरपालिका का प्रयास है कि नियमानुसार जल्द से जल्द एजेंसी का चयन कर इस समस्या का समाधान करवाया जाए।

नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने बताया कि शहर के विभिन्न मोहल्लों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मुख्य सड़कों एवं बाजारों में आवारा पशुओं के घूमने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

समस्या का समाधान अत्यंत आवश्यक: रमेश सैनी

उन्होंने कहा कि विशेषकर छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का समाधान अत्यंत आवश्यक है।

प्रधान रमेश सैनी ने कहा कि अगर दूसरी बार भी निर्धारित दरों पर कोई एजेंसी टेंडर में भाग नहीं लेती है, तो नियमानुसार उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर दरों की समीक्षा अथवा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि शहरवासियों की सुरक्षा और सुविधा नगरपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंदरों एवं आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।