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    पूर्व IPS को जूते मारने का मामला: अब जज पत्नी ने खोला अभय चौटाला के खिलाफ मोर्चा, सोशल मीडिया पर लगाई आरोपों की झड़ी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 05:23 PM (IST)

    रिटायर्ड आईपीएस रामसिंह यादव को जूते मारने के मामले में, उनकी पत्नी और रिटायर्ड जज अनुपमा यादव ने अभय चौटाला के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोला है। उन्होंने फेसबुक पर कई पोस्ट डालकर अभय चौटाला पर पलटवार किया और कांग्रेस सांसद जेपी का वीडियो भी साझा किया। अनुपमा यादव ने कहा कि चौटाला के डर के कारण पहले किसी ने उनका नाम नहीं लिखा।

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    रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रामसिंह यादव अपनी पत्नी के साथ।

    जागरण संवाददाता,नारनौल। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रामसिंह यादव को 39 जूते मारने के आरोपों के मामले में अब उनकी पत्नी रिटायर्ड जज अनुपमा यादव ने इंटरनेट मीडिया पर अभय सिंह चौटाला के विरुद्ध माेर्चा खोल दिया है।

    उनकी फेसबुक वॉल पर एक ही दिन में 14 पोस्ट डाली हैं, वहीं दो दिन में करीब 20 से अधिक पोस्ट डालकर अभय सिंह पर पलटवार कर चुकी हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसद जेपी का वीडियो भी साझा किया है। इसमें सांसद जयप्रकाश भी इसी तरह के आरोप लगाते सुनाई देते हैं।

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    वह भी सेवानिवृत आईपीएस आरएस यादव का समर्थन कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर यह मुद्दा सुर्खियों में है। उन्होंने 2003 में अखबारों में प्रकाशित समाचारों की कटिंग इंटरनेट मीडिया पर साझा करते हुए लिखा है कि अभय चौटाला मानहानि का केस दायर करें, हम सच को सच साबित करेंगे। उनकी इन पोस्ट पर कुछ लोग समर्थन में आ रहे हैं तो कुछ उनके ट्रोल भी कर रहे हैं।

    फेसबुक पर अनुपमा यादव ने जो लिखा उनके ही शब्दों में...

    चौटाला भक्तों चौटाला की प्रताड़ना का मुद्दा तो 22 साल पहले भी उठाया था। जुर्म तो जुर्म है, सजा देने के लिए एक्सपाइरी डेट का बहाना नहीं चलता और हमनें तो केस जनता की अदालत में डाला है।

    हमने अपनी जिंदगी के अनुभवों से पाया है कि राजनैतिक अत्याचारों के मामलों में न्याय कोर्ट से नहीं मिलता, कभी जजों को डरा धमका दिया जाता है तो कभी प्रलोभन देकर खरीद लिया जाता है और ऐसे में न्यायलय न्याय नहीं करते बस तारीखें देते रहते हैं।

    फिर जज और वकील ये पूछ कर पीड़ित को हतोत्साहित करतें हैं कि तभी क्यों नहीं आए अब क्यों आए हो। अब उनको ये कैसे समझाएं कि सत्ता में रहते हुए इनके विरुद्ध कार्रवाई करना कितना मुश्किल है।

    समाचार पत्रों ने भी सब कुछ बताने के बाद अभय चौटाला का नाम नहीं लिखा बस गोलमोल सा समाचार लगा दिया कि गिरफ्तारी के बाद प्रताड़ित किया गया, लेकिन इनके डर और आतंक के कारण अभय चौटाला का नाम नहीं लिखा।

    अब क्योंकि ये अत्याचारी राजनीति में अब तक बना हुआ है और फिर से सत्ता में आने की अभिलाषा रखता है तो इसकी करतूतों का जिक्र करके जनता को सचेत करना बहुत जरूरी है।

    इसलिए हमने जनता की अदालत में न्याय की गुहार लगाई है। कोर्ट में तो पैसे वाले लोग और राजनेता न्याय खरीद लेते हैं, आसानी से न्याय मिलता ही कहां है।

    अब देख लो ये लोग ही हमें हतोत्साहित करने के लिए झूठे नैरेटिव गढ़ रहे हैं और इनके बिकाऊ इंटरनेट मीडिया वाले बहुत चटखारे लेकर हमारे विरुद्ध झूठे आरोप लगा कर नैरेटिव गढ़ रहें हैं कि ये सस्पेंड क्यों हुआ, चुनाव लड़ना चाहता है, 22 साल चुप क्यों रहा वगैरह वगैरह। खैर हमें जनता के सामने अपना पक्ष रखने से रोका नहीं जा सकता।

    क्या बोल रहे सोशल मीडिया यूजर्स

    एक फॉलोवर ने लिखा कि 'खोट आरएस यादव की नियत में भी नजर आता है। आप इतने 22 साल किसके इशारे पर नाच रहे हो। कहां से फंडिंग हुई है। अगर इमानदार और सच्चे थे तो इतना टाइम क्यूं लगाया।'

    एक अन्य फालोवर ने लिखा, 'यादव साहब जी पहले आगे इसलिए नहीं आए होंगे यह अत्याचारी राजनेता है और राजनीति में पता नहीं कब पावर में आ जाएं और फिर दोबारा झूठा केस बना कर जेल में डाल दें। अब यादव साहब को पता चल गया है चौटाला परिवार की राजनीति खत्म हो चुकी है। अब आगे आने में कोई डर नहीं है। पावर फूल आदमी से सब डरते हैं, जिसके साथ बनती है वहीं असली डर बता सकता है । घायल की गति को एक घायल ही जनता है, बाकी इंटरनेट मीडिया पर लिख तो कोई भी कुछ सकता है।

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