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फोटो संख्या 6, 7, 8

- आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से सब्जियों की पैदावार पर पड़ेगा असर

- ओलावृष्टि की चोट से बची सब्जियों और कपास को मिली अच्छी खुराक

- ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभे क्षति ग्रस्त होने से बाधित रही बिजली जागरण संवाददाता, नारनौल :

शुक्रवार दोपहर बाद आए अंधड़ और ओलावृष्टि से जहां शनिवार को भी भीषण गर्मी से राहत मिली। वहीं कई स्थानों पर बागवानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ओलावृष्टि और बारिश का सबसे ज्यादा असर कनीना और अटेली क्षेत्रों में देखने को मिला। यहां सब्जियों के साथ कपास की खेती पर खासा असर पड़ा है। शनिवार को जिला बागवानी विभाग की टीम ने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। विभिन्न पॉली हाउस में 60 से 70 फीसद नुकसान का अंदाजा लगाया है। सबसे ज्यादा नुकसान कनीना और मंडी अटेली क्षेत्र में हुआ है। यहां कपास के साथ सब्जियों में मिर्च, टमाटर, बैंगन, घीया आदि सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। इससे सब्जी उत्पादकों की परेशानियां बढ़ा दी। इनमें से ज्यादातर पौधे और बेल फिर से उभरने की स्थिति में नहीं है। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सब्जियों के साथ घरों के टीन शेड उखड़ गये। वहीं पशु-पक्षी भी घायल हो गए। गांव मोहलड़ा, राता, खारीवाड़ा, कारिया, गढ़ी-रूथल, गुजरवास, मोहनपुर आदि गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान बताया गया है। लोगों का कहना है कि सब्जी की खेती पूरी तरह नष्ट हो गई है। गांव खारीवाड़ा के सरपंच बीर सिंह ने बताया कि तेज अंधड़ के साथ हुई ओलावृष्टि से कई पक्षी मर गये तो भैंस व गाय भी घायल हुई हैं। कुछ स्थानों पर गाड़ी के शीशे भी टूटे। खैरानी के सरपंच मुनीपाल ने बताया कि अधिकतर घरों के टीन शेड अंधड़ में उड़ने और पशुओं पर गिरने से घायल हो गए हैं। बाकि महेंद्रगढ़, नारनौल, नांगल चौधरी क्षेत्र में आंशिक नुकसान हुआ है। यहां बारिश होने से सब्जियों और कपास को फायदा हुआ है। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश से तापमान में कमी आने के साथ बागवानी और कपास की फसल को फायदा होगा।

बिजली आपूर्ति भी हुई बाधित:

इस दौरान कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अंधड़ के कारण बिजली के पोल और तार भी क्षतिग्रस्त हुए। इस कारण कुछ स्थानों पर देर रात के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई तो कुछ स्थानों पर शनिवार को दोपहर तक ही आपूर्ति हो पाई। बिजली के पोल गिरने के साथ पेड़ों की डालियों से तार टूटने से आपूर्ति बाधित रही। इससे कई जगह पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हुई।

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बारिश से तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन जहां ओलावृष्टि हुई है वहां सब्जी को काफी नुकसान पहुंचा है। जिला में करीब एक हजार हेक्टेयर में सब्जी की खेती होती है। इनमें से मंडी अटेली, कनीना क्षेत्र के कुछ गांवों में काफी नुकसान हुआ है। जिन पौधों और सब्जी पर ओलों की चोट पड़ी है वे तो खराब हो जाएंगी, लेकिन अन्य को बारिश का फायदा मिलेगा। इस संबंध में जिला उपायुक्त और राजस्व अधिकारी को स्थिति से अवगत कराया गया है।

- डॉ. मंदीप यादव, जिला बागवानी अधिकारी।

Posted By: Jagran

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