जागरण संवाददाता, नारनौल : जिले में आर्थिक सर्वे का काम शुरू हो चुका है। यह काम 31 दिसंबर तक पूरा किया जाना है। इस काम में सभी अधिकारी अपना पूरा सहयोग करें, ताकि सही आंकड़े एकत्रित किए जा सकें तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक पारदर्शी तरीके से लागू कर सकें। ये निर्देश उपायुक्त जगदीश शर्मा ने बुधवार को लघु सचिवालय में इस संबंध में ली अधिकारियों की बैठक में दिए।

डीसी ने कहा कि यह देश का पहला ऐसा सर्वे है, जो ऑनलाइन व जीओ टेगिग के जरिए हो रहा है। यानी इस सर्वे में प्रगणक को हर घर में पहुंचकर मोबाइल एप के जरिए परिवार की जानकारी भरनी होगी। निर्धारित स्थान पर मौजूदगी बिना कोई भी ऑपरेटर इस एप में डाटा नहीं भर सकता। उन्होंने बताया कि आर्थिक गणना का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जनगणना के आधार पर योजनाएं बनाना है। इस तरह से प्रदेश के हर नागरिक को आर्थिक तौर पर मजबूती देने का काम होगा।

उपायुक्त ने बताया कि अब तक जिले में 150 ग्राम पंचायत में काम पूरा हो चुका है। आर्थिक गणना के कार्य के लिए अटल सेवा केंद्र व कॉमन सर्विस सेंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके द्वारा लगाए गए प्रगणक घर-घर जाकर सूचनाएं एकत्रित कर रहे हैं। इसके लिए किसी भी तरह की फीस नहीं है।

इस मौके पर नगराधीश प्रवेश कुमार, जिला सांख्यिकी अधिकारी अनित, डीडीपीओ ऋषि दांगी, एडीएसओ धर्मवीर यादव, राष्ट्रीय सांख्यिकी अधिकारी रजनीकांत व राजेश कुमार, सीएसी के डीएम निरंजन व एपीओ जगबीर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद थे।

उपायुक्त ने की नागरिकों से अपील :

उपायुक्त जगदीश शर्मा ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही सूचना दें। इन द्वारा एकत्रित की गई सूचना पूरी तरह से गुप्त रहेगी। इस सूचना को खुद आपरेटर भी नहीं देख सकता। पूरा डाटा उसी समय अपलोड हो जाता है। साथ ही उन्होंने सभी नगर पार्षदों, सरपंचों व ग्राम सचिवों से भी आह्वान किया कि वे इस काम में के लिए आमजन को प्रोत्साहित करें।

Posted By: Jagran

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