संवाद सहयोगी, कनीना: राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल कनीना में रोल माडल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रोल माडल के रूप में लवली नामक एक दिव्यांग को आमंत्रित किया गया। लवली कनीना दिव्यांग होते हुए अपने जीवन को सुचारू रूप से चलाती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने उन्हें शत प्रतिशत विकलांग तो बना दिया, कितु उसने हिम्मत नहीं छोड़ी। अपने बलबूते पर व्हील चेयर के जरिये एमएससी तथा बीएड किया, जो अपने आप में उल्लेखनीय है। इतना होते हुये भी गर्व नहीं किया। नौकरी नहीं मिली तो क्या अपने घर पर ही टिफिन बनाकर लोगों तक पहुंचाना शुरू किया, जिसमें उनके भाई का अहम योगदान रहा है। दूर दराज तक उनका भाई टिफिन पहुंचाता है और वो घर पर निठल्ला न बैठकर जमकर मेहनत करती है। आज उनके पदचिह्नों पर लोग चलने के लिए तैयार हैं। उनका उदाहरण देकर लोग अपने बच्चों को ऊंची तालीम दिलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोग अपंगता का बहाना करके हाथ पर हाथ रख बैठ जाते हैं,लेकिन यह नहीं सोचते कि भगवान ने उन्हें दो हाथ दिये हैं जिनसे वे अपना काम तथा दूसरों का काम भी करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जिदगी में कभी हिम्मत न हारना ही महानता की निशानी है। अगर हट्टा कट्टा होते हुये भी मेहनत करके नहीं कमा सकता तो वो सचमुच अपंग है। उनकी हिम्मत भरी बातें सुन सुनकर विद्यार्थियों की आंखों में आंसू आ गये।

इसी मौके पर सरकारी अस्पताल कनीना से सुमन और सरिता ने भी रोल माडल की भूमिका निभाई, सभी विद्यार्थियों ने रोल माडल द्वारा बताई गई बातों को ध्यान पूर्वक सुना। इस अवसर पर प्राचार्य लाल सिंह, प्रवक्ता संस्कृत रमन शास्त्री, प्रवक्ता ईश्वर सिंह, अमृत सिंह विशेष शिक्षक, पंकज कुमार मुख्याध्यापक, सुरेश कुमार मुख्य अध्यापक, माया, सुशीला, सुषमा, बलजीत डीपी, ओमरति एबीआरसी आदि शिक्षक उपस्थित थे।

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