छोटी उम्र, बड़ा हुनर: महेंद्रगढ़ की 4 वर्षीय चैरी ने अपनी नृत्य कला से जीता लोगों का दिल
महेंद्रगढ़ की चार वर्षीय चैरी उर्फ देवयानी गोस्वामी अपनी नृत्य कला से लोगों का मन मोह रही हैं, जो एक कलात्मक परिवार से आती हैं।
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महेंद्रगढ़ में रामलीला के मंच पर नृत्य करती चार साल की चैरी। सौ. स्वजन।
HighLights
चार वर्षीय चैरी उर्फ देवयानी गोस्वामी ने नृत्य से मन मोहा।
कलात्मक परिवार से आती हैं, दादा-पिता रामलीला कलाकार।
उनकी प्रतिभा दर्शाती है कि हुनर उम्र का मोहताज नहीं।
संवाद सहयोगी, महेंद्रगढ़। कहते हैं कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, बल्कि कुछ हुनर जन्मजात होते हैं। इसका उदाहरण चार वर्षीय नन्ही चैरी उर्फ देवयानी गोस्वामी हैं, जो इतनी कम उम्र में अपनी नृत्य कला से लोगों का मन मोह रही हैं। उनकी प्रतिभा देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाता है।
नन्ही उम्र में नृत्य के प्रति उनका लगाव और प्रस्तुति में आत्मविश्वास उनकी कला के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
देवयानी के परिवार की जड़ें लंबे समय से रंगमंच और अभिनय की दुनिया से जुड़ी हैं। उनके दादा सुरेश गोस्वामी पिछले 25 वर्षों से लगातार श्री आदर्श रामलीला कमेटी, महेंद्रगढ़ के मंच पर भगवान श्रीराम की भूमिका का उत्कृष्ट अभिनय करते आ रहे हैं।
वहीं, उनके पिता अजय गोस्वामी भी लंबे अरसे से रामलीला में परशुराम और विश्वामित्र जैसे प्रभावशाली पात्रों का अभिनय कर दर्शकों की सराहना प्राप्त कर रहे हैं।
ऐसे कलात्मक माहौल में पली-बढ़ी देवयानी के भीतर भी कला के प्रति आकर्षण दिखाई देने लगा है। परिवार की अभिनय परंपरा और सांस्कृतिक संस्कारों के बीच नन्ही चैरी का नृत्य के क्षेत्र में आगे बढ़ना विशेष महत्व रखता है।
चार साल की उम्र में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ रही देवयानी यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा को न उम्र की सीमा बांध सकती है और न ही परिस्थितियां रोक सकती हैं। सही माहौल, प्रोत्साहन और निरंतर अभ्यास से यह नन्ही प्रतिभा भविष्य में अपनी अलग पहचान बना सकती है।
