जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। इसके लिए गुणात्मक और संस्कारित शिक्षा ग्रहण करनी होगी।

वे बुधवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के 32वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने टॉप 10 छात्रों को गोल्ड मेडल के साथ पीएचडी के 181 और एमफिल के 13 शोधार्थियों सहित कुल 2405 विद्यार्थियों को डिग्री दी। इससे पहले सभी विभागों के डीन पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित होकर शैक्षणिक शोभा यात्रा में शामिल होकर मुख्य मंच पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इसी पावन धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया और यहीं से कुवि देश की भावी पीढ़ी को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने का काम कर रहा है। प्रदेश शिक्षण संस्थानों और शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर है। आज आबादी के मामले में प्रदेश का देश में 2 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन विश्वविद्यालयों के हिसाब से हरियाणा का छह प्रतिशत हिस्सा है।

कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा मूल्यांकन एजेंसी ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए प्लस ग्रेड और स्वायत्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पहला स्थान और राज्य विश्वविद्यालय की श्रेणी में आठवां स्थान दिया गया है। इस मौके पर डीसी धीरेंद्र खड़गटा, संयोजक प्रो. मंजुला चौधरी, कुलसचिव डॉ. नीता खन्ना मौजूद रहीं।

इन्हें मिला गोल्ड मेडल

कला एवं भाषा संकाय से अर्पिता साहनी, समाज विज्ञान संकाय से कुलबीर, जीव विज्ञान संकाय से मोहित शर्मा, भेषज्य विज्ञान संकाय से दिव्या शर्मा, विज्ञान संकाय से हिमांशी बंसल, शिक्षा संकाय से सतेंद्र, प्राच्य विद्या संकाय से कुसुम, विधि संकाय से प्रियंका वर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय से सोनिया रानी व अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय से शिल्पा नागपाल को अपने संकायों में प्रथम स्थान हासिल करने पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस