जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : नगर परिषद और नगरपालिका क्षेत्र में लोगों को अपने घरों में गीला व सूखा कूड़ा रखना होगा और कूड़ा उठान को पहुंचने वाले टिप्परों में अलग-अलग डालना होगा। टिप्परों को भी इसी तरीके से मॉडीफाई किया जाएगा। नप व नपा लोगों से यूजर चार्ज लेगा। कचरा न देने की बजाय सड़कों पर कूड़ा डालने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। एनजीटी(राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) इसको लेकर गंभीर हो गया है। नप व नपा को ठोस कूड़ा निस्तारण के प्रबंध करने की भी हिदायत दी है।

डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने इस संबंध में नगर परिषद व नगर पालिकाओं के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में सीएनजी वेस्ट, अतिक्रमण, बायोमेडिकल वेस्ट, पोलिथिन और उद्योग वेस्ट को लेकर एक फार्मेट में चालान तैयार करेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वाले का तुरंत चालान किया जाएगा। सभी नप और नपा अपने सफाई तंत्र को मजबूत करने के लिए यंत्रों और संसाधनों की सूची प्रशासन को सौंपेंगे। इससे संसाधनों की कमी को दूर किया जा सकेगा। नपा और नप में सीएसआइ और एसआइ को एंफोर्समेंट व्हीकल मुहैया कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर किराये पर भी वाहन लेकर शहर की सफाई व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। इस मौके पर डीआरओ डॉ. चांदीराम चौधरी, डीएसपी ममता सौदा, ईओ बीएन भारती, एक्सईएन मिआं सिंह, एमई ईश्वर वर्मा व नप सचिव केएल बठला मौजूद रहे। गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग डाला जाएगा

डीसी ने कहा कि थानेसर नगर परिषद के सभी टिप्परों की बॉडी मॉडीफाई की जाएंगी। नई बॉडी में गीले और सूखे कचरे की अलग-अलग व्यवस्था करने के साथ-साथ बॉडी के ऊपर ढक्कन लगवाना होगा। इसके साथ ही टिप्परों पर हेल्पर की भी व्यवस्था करनी होगी। प्रत्येक घर से गीला और सूखा कचरा एकत्रित किया जाएगा। कचरा न डालने वाले लोगों की सूची तैयार की जाएगी। अधिकारी उनका जुर्माना तय करेंगे। इसके साथ रैपिड एक्शन टीम का भी गठन किया जाएगा। टीम सफाई के साथ अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी। हर वार्ड में एक अधिकारी लगाया जाएगा

प्रत्येक वार्ड की जिम्मेदारी एक अधिकारी को सौंपी जाएगी। यह अधिकारी अपने वार्ड से यूजर चार्ज लेगा। साथ ही कूड़ा न देने वाले घरों और अन्य सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखेगा। अधिकारी लापरवाही बरतता है तो उसकी एसीआर में कार्यशैली के बारे में दर्ज किया जाएगा। सरकारी भवनों, स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय से प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करेंगे। इसके साथ बकाया विकास शुल्क भी एकत्रित करेंगे। अधिकारियों को रोजाना अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी। कचरे से खाद बनाकर आमदनी करेंगे

डीसी ने कहा कि नप और नपा को अपने क्षेत्र में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए जगह की तलाश करनी होगी। इस कचरे से खाद बनाकर आय का साधन बनाने का प्रयास करें। आरडब्ल्यूए और क्लबों का सहयोग लेकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का प्रयास करें। शहर में रेहड़ियों के लिए जगह निर्धारित की जाएगी। नप अधिकारियों को 15 दिन में प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

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