जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : जिला जेल में चेकिग के दौरान मिले मोबाइल मामले में सीआएइ-वन ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित कैथल के गांव बिछियां निवासी दीपक कुमार व गांव कैलरम निवासी नवीन ने अपने एक अन्य साथी को सिम कार्ड दिया था। उन्होंने ही जेल में सिम कार्ड पहुंचाया था। पुलिस ने आरोपितों को अदालत में पेश किया।

पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल ने बताया कि सात जुलाई को डीएसपी क्राइम नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीआएइ-वन, सीआइए-टू व एंटी नारकोटिक सैल की टीम ने जिला जेल में जेल अधिकारियों की अनुमति से चेकिग की थी। बैरक नंबर एक के कमरा नंबर तीन में बंदी सांवला निवासी संजू से तलाशी लेने उसके पास से एक मोबाइल फोन का की-पैड बरामद हुआ था। बंदी संजू ने बताया था कि यह मोबाइल उसको राजू ने दो हजार रुपये में बेचा था। इस मोबाइल फोन का प्रयोग वह और अमीन निवासी सौरभ व गांव मंडोखरा निवासी बंदी नरेंद्र करते हैं। आरोपियों के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने जेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच एसआइ जानपाल सिंह को सौंपी। एसआइ जानपाल सिंह की टीम ने बंदी संजू, सौरभ व नरेंद्र से पूछताछ कि तो उन्होंने बताया कि उसने एक सिम कार्ड सारसा निवासी विकास मलिक ने दिया था। जेल में मिलने के दौरान यह सिम कार्ड कपड़ों में छुपा कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपित गांव सारसा निवासी विकास मलिक को मामले में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत ने उसे जेल भेज दिया था। एसआइ जानपाल सिंह की टीम ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए कैथल के बिछियां निवासी दीपक कुमार व कैलरम निवासी नवीन को गिरफ्तार किया। नवीन ने दीपक की आइडी पर सिम कार्ड लेकर अपने किसी अन्य परिचित को दिया था, जिसने जेल में सिम कार्ड पहुंचाया। पुलिस ने आरोपित दीपक व नवीन को अदालत में पेश किया।

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