जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : शिक्षा विभाग के पत्र और आत्मा में समावेशी शिक्षा विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन नई दिल्ली (एनसीटीई) तथा आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ प्राईवेट कॉलेज के सहयोग से किया गया।

सेमिनार में विशिष्ठ अतिथि के तौर पर पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से तेहल कोहली ने शिरकत की। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग की अध्यक्षा डॉ. संगीता ने विभिन्न विश्वविद्यालयों से पधारे वक्ताओं का स्वागत किया तथा सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. सुदेश मुखोपादय ने समावेशी शिक्षा में भारतीय पुर्नवास परिषद के योगदान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने विशेष शिक्षकों तथा सामान्य शिक्षकों को तैयार करने में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् तथा भारतीय पुनर्वास परिषद जैसे नियम को को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। सेमिनार में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् के प्रतिनिधि उप-सचिव डॉ. राममूíत मीना ने शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर अपने विचार प्रकट किए। सेमिनार के तकनीकी सत्रों में अनेक विश्वविद्यालयों एवं राष्ट्रीय संस्थानों से आए वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के प्रो. कुलविद्र सिंह, चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के प्रो. संदीप बेरवाल, सीआरसी गोरखपुर निदेशक रमेश कुमार पांडेय, डॉ. स्वाति सन्याल, डॉ. रेखा रानी, डॉ. वरूणा दहिया, डॉ. जसमेर सिंह, डॉ. दिनेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। डॉ. राजवीर सिंह ने सेमिनार की रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा प्रो. सुशील ने सबका धन्यवाद ज्ञापित किया।

Posted By: Jagran

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