बृजेश द्विवेदी, कुरुक्षेत्र : शेर के जिन तीन शावकों को वन्य जीव प्राणी विभाग ने दिन रात एक कर बचाया तथा अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं, वे शावक अधिकारियों की खींचतान में एक कमरे में बंद होकर रह गए हैं। तीन माह से भी ज्यादा के हो चुके इन शावकों को अभी तक बाड़े में शिफ्ट नहीं किया गया है। ऐसे में इन शावकों की ग्रोथ रुक जाएगी तथा वे कमजोर हो जाएंगे क्योंकि नियमानुसार तीन माह का होते ही इन्हें इनके बाड़े में चले जाना चाहिए था। विभाग अभी तक तो यह ही तय नहीं कर पाया है कि शावकों को कहां शिफ्ट किया जाए। यदि पिपली चिड़िया घर में भी रखना है तो इन शावकों के लिए अलग से बाड़ा बनाना होगा जिस पर अभी तक कार्य ही शुरू नहीं हो पाया है।

7 सितंबर को तीनों शावक तीन माह के हो गए। वन्य जीव विभाग के अधिकारियों की मानें तो नियमानुसार तीन माह के होते ही इन शावकों को खुले बाड़े में शिफ्ट कर देना चाहिए ताकि इनकी ग्रोथ होती रहे। लेकिन इन शावकों को बाड़े में शिफ्ट करने की प्रक्रिया कहां अटकी है, किसी भी अधिकारी को ठीक से मालूम नहीं है। विभाग के एक बड़े अधिकारी की मानें तो इन शावकों को शिफ्ट करने को लेकर अभी भी बड़ी राजनीति चल रही है। अधिकारी तय कर चुके हैं कि शावकों को कहां ले जाना है लेकिन विवाद से बचने के लिए कोई भी खुलासा नहीं कर रहा है। यही कारण है कि शिफ्ट करने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। वन्य प्राणी विभाग पंचकुला के वन संरक्षक एमएल राजवंशी के अनुसार विभाग की केंद्रीय कमेटी यह तय करेगी कि शावक कहां जाएंगे। यह पूछने पर कि क्या उनकी तरफ से केंद्रीय कमेटी को इस बारे में कोई पत्र भेजा गया है तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। प्रक्रिया चल रही है : राजवंशी

वन्य प्राणी विभाग पंचकुला के वन संरक्षक एमएल राजवंशी ने कहा कि शावकों को शिफ्ट करने की विभागीय प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी शावकों को खुले बाड़े में शिफ्ट कर दिया जाएगा। शावक पिपली चिड़िया घर में रहेंगे या इन्हें कहीं और ले जाया जाएगा इस पर उन्होंने कहा कि जैसा भी निर्णय होगा इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

Posted By: Jagran