संवाद सहयोगी, शाहाबाद : मारकंडेय प्रकट दिवस एवं शरद पूर्णिमा के उपलक्ष्य में श्री मारकंडेश्वर मंदिर में सामूहिक विवाह, ट्राई साइकिल एवं श्रवण यंत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 30 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। कार्यक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश संगीता ढींगड़ा सहगल मुख्यातिथि के रूप में पहुंची। एनआरआइ सतपाल शर्मा, यशपाल वधवा, तरसेम गर्ग, जोगेंद्र जैन व विजय मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे। अतिथियों ने नवविवाहितों को आर्शीवाद दिया। मुख्यातिथि न्यायाधीश संगीता ढींगड़ा सहगल ने नवविवाहितों को नए विश्वास के साथ जीवन शुरू करने की सीख दी।

मंदिर सभा के प्रधान राज ऋषि गंभीर ने बताया कि सभा की ओर से 1621 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। सभा की ओर से नवविवाहितों को घरेलू उपयोग की वस्तुएं भी दी जाती हैं। मंच का संचालन सुनील भसीन ने करते हुए स्वर्गीय केसरदास गंभीर के नाम पर मेरिट के आधार पर पांच छात्रवृतियां हर वर्ष दिए जाने की घोषणा भी की। पंडित प्रहलाल मिश्र रामायणी ने लोगों को मंदिर के इतिहास से अवगत करवाया। कार्यक्रम के अंत में मंदिर सभा व अतिथियों की ओर से नवविवाहितों को आर्शीवाद दिया। इस अवसर पर प्रधान राज ऋषि गंभीर, बलदेव राज चावला, सुनील भसीन, यशपाल वधवा, तरसेम लाल गर्ग, संजीव गर्ग, एडवोकेट पवन गुप्ता, ओमप्रकाश कालड़ा, सुल्तान सिंह, प्रहलाद मिश्र रामायणी, रेणु गंभीर व हर्ष जैन मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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