12 साल से जिस बेटे का इंतजार था, वह ताबूत में लौटा; अमेरिका में कुरुक्षेत्र के युवक की मौत, मातम में बदलीं खुशियां
अमेरिका में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले विक्की अरोड़ा का शव 15 दिन बाद पिहोवा स्थित उनके घर पहुंचा, जिससे दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं।

ताबूत में लौटा विक्की अरोड़ा। फोटो जागरण
HighLights
अमेरिका में सड़क हादसे में विक्की अरोड़ा की मौत।
15 दिन बाद पिहोवा पहुंचा विक्की का ताबूत।
दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं, परिवार सदमे में।
संवाद सहयोगी, पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। जिस घर में दिवाली की तैयारियां और बेटे की शादी की बातें चल रही थीं, रविवार को उसी घर में चीख-पुकार मची थी। जिस बेटे के स्वागत के लिए परिवार 12 साल बाद दरवाजे पर आंखें बिछाए बैठा था, वह घर तो पहुंचा, लेकिन अपने पैरों पर नहीं।
अमेरिका के औहायो में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा का शव रविवार को ताबूत में पिहोवा की सिकंदरा कालोनी स्थित घर पहुंचा। करीब 15 दिन बाद विक्की का शव अमेरिका से रविवार को सुबह सिकंदरा कालोनी पहुंचा।
रविवार को जब ताबूत पिहोवा स्थित घर पहुंचा तो परिवार की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ताबूत खुलते ही पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू समेत पूरा परिवार फूट-फूटकर रो पड़ा।
दिवाली पर 12 साल घर वापस लौटने वाला था विक्की
परिवार के लिए इस बार की दिवाली खास होने वाली थी। मगर भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। करीब 12 साल पहले अमेरिका गए विक्की के नवंबर में दिवाली के आसपास पहली बार घर लौटने की उम्मीद थी। वर्षों बाद बेटे के घर आने की खुशी में परिवार ने उसके विवाह का सपना भी संजो रखा था। पिता कश्मीरी लाल बेटे को दूल्हे के रूप में देखना चाहते थे।
परिवार की ओर से विक्की के लिए रिश्ते भी तलाशे जा रहे थे। घर में अक्सर उसकी शादी को लेकर चर्चा होती और तैयारियों की योजनाएं बनाई जाती थीं। मगर परिवार की खुशियों को किसी की नजर लग गई। दिवाली पर जिस बेटे के हाथों घर का दीप जलना था, उससे पहले ही उसका ताबूत घर पहुंच गया।
पिता दुकान से जल्दी लौटकर करते थे बेटे की शादी की चर्चा
विक्की के चाचा राजकुमार ने बताया कि उनका पूरा परिवार एक ही कालोनी में रहता है। विक्की के पिता कश्मीरी लाल बेटे के लिए रिश्ता तलाश रहे थे। काम से लौटने के बाद वह परिवार के लोगों को घर बुलाकर विक्की की शादी को लेकर बातचीत करते थे।
कई बार शादी की चर्चा और तैयारियों के लिए वह दुकान से भी जल्दी घर लौट आते थे। परिवार को उम्मीद थी कि दिवाली पर विक्की घर आएगा। इसके बाद रिश्ते की बात आगे बढ़ाई जाएगी और शादी की तैयारियां शुरू होंगी। वर्षों बाद बेटे की वापसी को लेकर घर में खास उत्साह था।
17-18 सितंबर की रात आया मनहूस समाचार
17-18 सितंबर की रात अमेरिका के औहायो में हुए सड़क हादसे ने परिवार की जिंदगी बदल दी। विक्की की मौत का समाचार सबसे पहले उसके रूममेट हैप्पी के माध्यम से परिवार तक पहुंची। शुरुआत में स्वजनों को विश्वास नहीं हुआ।
उन्हें लगा कि शायद कोई गलतफहमी हुई है। उन्होंने अमेरिका में विक्की के अन्य दोस्तों से संपर्क कर घटना की पुष्टि की। पुष्टि होते ही परिवार के वे सभी सपने चकनाचूर हो गए, जो बेटे के घर लौटने और उसकी शादी को लेकर देखे जा रहे थे।
यह हुआ था हादसा
स्वजनों के मुताबिक विक्की अमेरिका के औहायो हाइवे पर ट्राले में सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान सामने से गलत दिशा में एक अन्य ट्राला आ गया। उसे बचाने के प्रयास में विक्की का ट्राला कंकरीट के बैरियर से टकरा गया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। सिर के बल गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई
