साल में सिर्फ एक बार होते हैं श्रीराधा रानी के चरणों के दर्शन, राधा अष्टमी पर कुरुक्षेत्र इस्कॉन में सुबह इतने बजे खुलेगा शुभ कपाट
कुरुक्षेत्र के इस्कॉन मंदिर में 19 सितंबर को राधा अष्टमी पर श्रीराधा रानी के चरणों के दुर्लभ दर्शन होंगे, जो ...और पढ़ें

साल में सिर्फ एक बार होते हैं श्रीराधा रानी के चरणों के दर्शन। फाइल फोटो
HighLights
19 सितंबर को राधा अष्टमी पर श्रीराधा रानी के चरण दर्शन।
कुरुक्षेत्र इस्कॉन मंदिर में सुबह 4:30 से 5:00 बजे तक दर्शन।
पहली बार श्रीराधामृत कथा का आयोजन, तैयारियां पूरी।
विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र। वर्ष भर में राधा अष्टमी पर एक बार ही वह शुभ घड़ी आती है जब श्रद्धालुओं को श्रीराधा रानी के चरणों के दर्शन होते हैं। यह शुभ घड़ी 19 सितंबर की सुबह 4:30 से 5:30 बजे तक है। इस अवसर पर थानेसर के मुख्य बाजार में इस्कान के मंदिर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस्कॉन की ओर से इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस्कान कुरुक्षेत्र के पीआर और कम्यूनिकेशन डायरेक्टर गोविंद कृष्ण दास ने बताया कि राधाष्टमी भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तरह ही महत्वपूर्ण है। इसी दिन श्रीराधा रानी का जन्म हुआ था। इस दिन को वृंदावन में धूमधाम और भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस राधाष्टमी के महत्व को देखते हुए ही इस बार कुरुक्षेत्र में पहली बार श्रीराधामृत कथा का आयोजन किया गया है। यह कथा मुख्य बाजार के प्राचीन इस्कान मंदिर में आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी मंदिर में देख सकते हैं श्रीराधा के चरण हमेशा ढके रहते हैं।उनके चरण वर्ष भर में मात्र एक दिन के दिखाई देते हैं। वह शुभ दिन राधाष्टमी के दिन सुबह 4:30 से 5:00 बजे तक है। इस दिन का श्रीराधा रानी के भक्त ही नहीं देवी-देवता तक वर्ष भर इंतजार करते हैं और श्रीराधा रानी के चरणों के दर्शन करते हैं।
