जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : पिछले कई दिनों से चल रही हाड़ कंपाकंपा देने वाली ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। छह दिनों से सूर्य के दर्शन न देने पर शनिवार को अधिकतम तापमान चार डिग्री के करीब लुढ़ककर 9.9 डिग्री पर आ गया। इतना ही नहीं न्यूनतम तापमान भी 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। 100 प्रतिशत नमी के साथ छह किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली शीत लहर ने हाड़ कंपा दिए हैं। कड़ाके की ठंड के चलते लोग घरों में दुबके हुए हैं। बाजारों में लोग अलाव से दूर नहीं हट पा रहे हैं।

नए साल के पहले सप्ताह से ही ठंड ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया था। पहले सप्ताह से शुरू हुई बूंदाबांदी और आसमान में छाए बादलों ने ठिठुरन बढ़ाए रखी। पिछले करीब 15 दिनों में ही धर्मनगरी चार बार बूंदाबांदी हो गई। इसके बाद भी धुंध और आसमान में बादल छाए रहने पर ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ठंड से बचने के लिए लोग घरों में रजाइयों का सहारा पकड़े हुए हैं। दिन भर धूप न निकलने पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को घरों के अंदर बंद रहना मुश्किल हो रहा है। आम जन से लेकर पशु-पक्षियों को भी ठंड से परेशानी झेलनी पड़ रही है।

मौसम 18 तक खुश्क रहने का अनुमान

चौधरी चरण सिंह कृषि विवि हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम विशेषज्ञ डा. ममता ने बताया कि 18 जनवरी तक मौसम के खुश्क रहने का अनुमान है। मौसम के खुश्क रहने पर ही लगातार अधिकतम तापमान में गिरावट आ रही है। कई दिनों से धूप न खिलने पर हवा में नमी की मात्रा भी 100 प्रतिशत पर पहुंची हुई हैं। उन्होंने लोगों को ठंड से बचाव के उचित प्रबंध करने की सलाह दी है। उन्होंने पशुपालकों को अपने पशु मकान के अंदर ही बांधने और जरूरत पड़ने पर अलाव जलाने का सुझाव दिया है।

Edited By: Jagran