जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र: विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान एवं सांस्कृतिक स्त्रोत व प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में चल रही शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यशाला के चौथे दिन देशभर के विभिन्न स्थानों से आए शिक्षकों को कुरुक्षेत्र के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया गया। सीसीआरटी की एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के निदेशक डॉ.रामेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षकों ने जहां ब्रह्मासरोवर, गीता की उपदेश स्थली ज्योतिसर, देवीकूप भद्रकाली मंदिर जैसे दर्शनीय एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया, वहीं कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में विज्ञान के आविष्कारों की जानकारी प्राप्त कर अचंभित हुए। श्रीकृष्ण संग्रहालय में शिक्षकों ने भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों के दर्शन किए वहीं पुरातात्विक धरोहरों शेखचेहली का मकबरा, हर्ष का टीला का प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन कर ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। डॉ.रामेंद्र सिंह ने बताया कि पूरा दिन कुरुक्षेत्र के प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर शिक्षक यहां से सुखद अनुभूति लेकर जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र की भूमि विभिन्न संस्कृतियों और परम्पराओं का संगम है जो इसे एक समृद्ध विरासत प्रदान करती है। किसी भी देश की पहचान उस देश के सांस्कृतिक और पुरातात्विक विकास से होती है।

Posted By: Jagran

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