जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :

मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा 11 सितंबर 1893 में शिकागो के धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द द्वारा दिये गये विश्व विजयी भाषण के 125 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानन्द के जीवन और कार्य पर आधारित चित्र प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मिशन द्वारा संचालित मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मिशन के संयोजक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द द्वारा शिकागो की धर्म संसद में दिया गया भाषण आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय में था। उनका भाषण भारत के लिए किसी सांस्कृतिक विरासत से कम नहीं है। स्वामी जी के महान विचार युवाओं और संपूर्ण समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले हैं। सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वामी विवेकानन्द के भाषण ने संपूर्ण विश्व में भारत की अतुल्य विरासत और ज्ञान का डंका बजा दिया था। उन्होंने कहा था, दुनिया में सहनशीलता का विचार भारत से फैला है। शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन के अपने भाषण में विवेकानन्द ने कहा था कि हम सिर्फ सार्वभौमिक, सहनशीलता में ही केवल विश्वास नहीं रखते हैं बल्कि हम दुनिया के सभी धर्मो को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं।

Posted By: Jagran

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