मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : विदेश मंत्री होते हुए सुषमा स्वराज ने साइप्रस में फंसे एक व्यक्ति को वापस उसके घर तक पहुंचाया था। वे लोगों के कष्टों को दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि उन्हें याद है जब सुषमा स्वराज विदेश मंत्री हुआ करती थीं तब उनके पास पंजाब के रहने वाले कुछ लोग कुरुक्षेत्र के गांव बाहरी में किसी रिश्तेदार के माध्यम से उन्हें मिले थे। उन्होंने गुहार लगाई थी कि उनके परिवार का एक सदस्य साइप्रस में फंस गया है और वापस भारत नहीं आ पा रहा। इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के घर पर फोन किया था, ताकि इस समस्या को उनके सामने रख सकें। इसके बाद तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पीड़ित परिवार की समस्या को वहां बुलाकर न केवल सुना बल्कि खुद रुचि दिखाते हुए वहां के विदेश मंत्रालय से बात तक की थी। जब तक वह व्यक्ति घर वापस नहीं पहुंच गया तब तक उनके कार्यालय से नियमित रूप से उस परिवार से बात होती रही। आखिरकार वह व्यक्ति अपने घर वापस लौट आया और वह अब खुशहाल है। सुषमा स्वराज का जीवन हमेशा समाज और देश हित के लिए रहा है। महिला होने के बावजूद उन्होंने विदेश मंत्रालय को न केवल संभाला बल्कि दूसरे देशों के साथ मिलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का काम भी किया। इस तरह के कई परिवार में आशा की किरण बनकर उन्होंने कई परिवारों को दुख और दर्द से निकाला।

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Posted By: Jagran

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