अब माचिस की डिब्बियों से AI सीखेंगे छात्र, कुरुक्षेत्र में CBSE की नई पहल; 15 अगस्त शुरू होगी क्लास
सीबीएसई 15 अगस्त से 'एकलव्य-सीटी, एआई एंड स्टेम' ऑनलाइन सीरीज शुरू कर रहा है, जिसमें छात्र माचिस की डिब्बियों जैसी गतिविधियों से कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई सीखेंगे।
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माचिस की डिब्बियों से एआई समझेंगे विद्यार्थी।
HighLights
15 अगस्त से सीबीएसई की 'एकलव्य-सीटी, एआई एंड स्टेम' सीरीज शुरू
माचिस की डिब्बियों से छात्र सीखेंगे कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एआई
कक्षा 6 से ऊपर के छात्रों और शिक्षकों के लिए निःशुल्क पंजीकरण
रीतिका एस वोहरा, कुरुक्षेत्र। माचिस की डिब्बियों को एक-दूसरे के ऊपर जमाकर कोई आकृति बनानी हो या उन्हें तय क्रम में रखकर किसी पैटर्न को समझना हो तो इसके लिए योजना, क्रम और तार्किक सोच की जरूरत पड़ती है।
इसी तरह की रोचक गतिविधियों के माध्यम से अब विद्यार्थी कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बारीकियां समझेंगे। सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यार्थियों को एआई के साथ तार्किक ढंग से सोचने और जटिल समस्याओं का समाधान खोजने के लिए तैयार करने की दिशा में नई पहल करने जा रहा है।
कक्षा छह और उससे ऊपर के विद्यार्थियों के लिए एकलव्य-सीटी, एआई एंड स्टेम नाम से ऑनलाइन सीरीज शुरू की जा रही है। इसका पहला लाइव एपिसोड 15 अगस्त को शाम चार बजे प्रसारित होगा।
सीबीएसई और आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फार क्रिएटिव लर्निंग के संयुक्त सहयोग से आयोजित होने वाली इस सीरीज में कुल आठ लाइव एपिसोड होंगे। सभी एपिसोड हिंदी में होंगे और बाद में अंग्रेजी सबटाइटल के साथ उपलब्ध करवाए जाएंगे।
माचिस की डिब्बियों से समझाएंगे कम्प्यूटेशनल थिंकिंग
पहले एपिसोड का विषय कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एंड एआई विद मैच बाक्स रखा गया है। इसमें माचिस की डिब्बियों और विभिन्न गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को समझाया जाएगा कि किसी बड़ी समस्या को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर उसका समाधान किस प्रकार चरणबद्ध तरीके से किया जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर माचिस की डिब्बियों को एक निर्धारित पैटर्न में लगाने या उनसे आकृति तैयार करने की गतिविधि के जरिए बच्चों को क्रम, पैटर्न पहचानने और समस्या को सरल हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। इससे विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और तार्किक सोच विकसित करने पर जोर रहेगा।
शिक्षक भी ले सकेंगे भाग
सीरीज में सीबीएसई स्कूलों के कक्षा छह और उससे ऊपर के विद्यार्थी और शिक्षक भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए प्रत्येक एपिसोड निर्धारित शर्तें पूरी करने पर तीन सीपीडी ट्रेनिंग आवर्स के बराबर माना जाएगा।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल एआई टूल का इस्तेमाल करना सिखाना नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने, समस्या को छोटे हिस्सों में बांटने, तार्किक तरीके से सोचने और समाधान तक पहुंचने की क्षमता विकसित करना है। जिले में करीब 120 सीबीएसई स्कूल हैं। इस ऑनलाइन सीरिज में सभी सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थी व शिक्षक भाग ले सकते हैं। -रीटा गोयल, जिला नोडल अधिकारी, सीबीएसई।
