जेएनएन, पिहोवा (कुरुक्षेत्र)। देश की सीमा की रक्षा के लिए शहीद हुए वीर सपूत सुशील कुमार को हजारों लाेगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी गई। उनका उनके पैतृक शहर पिहोवा में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 12 साल के उनके बेटे मोहित ने चिता का मुखाग्नि दी। सुश्ाील कुमार जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। शहीद की अंतिम विदाई परपहुंचे राज्यमंत्री कृष्ण बेदी ने सरकार की तरफ से शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की ।

उनकी शहादत की खबर मिलते ही यहां शोक व्याप्त हो गया था। सुशील 1992 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। वह बीएसफ की 127 बटालियन में जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर में तैनात थे। रविवार देर रात जम्मू के आरएसपुरा में वह पाकिस्तान की ओर से गाेलीबारी में शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह पिहोवा लाया गया। वहां हजारों की संख्या में लाेेगों ने उनको श्रद्धांजलि दी।

फोटो गैलरी : शहीद सुशील कुमार को सैनिक सम्मान के साथ विदाई, देखें तस्वीरें

शहीद सुशील कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल लाेग।

उनकी पार्थिव देह घर पहुंची तो परिवार के लोगों का हाल बुरा हो गया। उनकी मां सोमा देवी और पत्नी सुनीता की हालत देखकर तो लोेगों की अांखों से आंसू बह रहे थे। शहीद सुशील के बेटे माेहित और 10 वीं पढ़ रही बेटी महक का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

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सुशील की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। लोग शहीद सुशील अमर रहें और जब तक सूरज चांद रहेगा शहीद सुशील का नाम रहेगा का घोष कर रहे थे। अंतिम संस्कार से पहले शहीद को पूरा सैनिक सम्मान दिया गया। पुलिस और बीएसएफ की टुकड़ी ने उनको सलामी दी और हवाई फायर कर सम्मान जताया। इस दौरान बीएसएफ आैर प्रशासन व पुलिस क आला अधिकारी भी मौजूद रहे।

अंतिम संस्कार से पहले शहीद सुशील कुमार को सलामी देते जवान।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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