विनीश गौड़, कुरुक्षेत्र: 21वीं सदी में जहां बच्चे से लेकर बूढ़े के हाथ में स्मार्ट फोन दिखाई देता है। इस सदी में भी कई जिले ट्वीटर अकाउंट चलाने में फिसड्डी हैं। खासकर चुनावी दौर में जहां प्रत्याशी मतदाताओं को सोशल मीडिया के माध्यम से साधने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। वहीं मतदाताओं को जागरूक करने के लिए कई जिलों में ट्वीटर अकाउंट ही नहीं खोले गए। जबकि सोशल मीडिया जागरूकता फैलाने का एक सटीक माध्यम है। हरियाणा चुनाव आयोग की साइट पर जब 22 जिलों के प्रशासन की ओर से बनाए गए ट्वीटर अकाउंट की सच्चाई को खंगाला गया तो तीन जिलों के ट्वीटर एकाउंट मिले ही नहीं, जबकि चार ने एकाउंट तो बना दिए, लेकिन इन अकाउंट पर एक भी पोस्ट नहीं की।

मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने और ट्वीट करने के मामले में ट्वीटर पर सिरसा, झज्जर और सोनीपत जिला प्रशासन सबसे ज्यादा चहके। सबसे पहले नंबर पर सिरसा जिला प्रशासन रहा, जिसने न केवल ट्वीटर अकाउंट बनाया बल्कि इस पर 1877 ट्वीट किए हालांकि इनमें से 76 पर ही लाइक आए। सिरसा में इस अकाउंट के 709 फॉलोवर्स हैं। झज्जर जिला प्रशासन ट्वीट करके मतदान करने के लिए जागरूकता फैलाने में दूसरे नंबर पर रहा। प्रशासन ने 1869 ट्वीट किए। इस अकाउंट पर 2303 फॉलोवर्स हैं। इसके बाद सोनीपत जिला प्रशासन ने 1121 पोस्ट की, जिन पर 2482 फॉलोवर्स हैं। ये जिला प्रशासन रहे ट्वीटर पर फिसड्डी

चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र और पानीपत का ट्वीटर अकाउंट हरियाणा चुनाव आयोग की साइट पर उपलब्ध ही नहीं है। जबकि फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार और जींद प्रशासन की ओर से ट्वीटर अकाउंट तो बना दिए गए। मगर इन अकाउंट से एक भी ट्वीट नहीं किया गया। नूंह ने दो, महेंद्रगढ़ ने चार, पंचकूला ने 92, रेवाड़ी ने 81, यमुनानगर ने 106, भिवानी ने 18 और अंबाला जिला प्रशासन के ट्वीटर अकाउंट से सात ट्वीट किए गए।

Posted By: Jagran

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