जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीराम मंदिर का शिलान्यास अयोध्या के लिए वास्तव में एक नए इतिहास का प्रारंभ है। श्रीराम मंदिर के भूमि पूजन और शिलान्यास से अयोध्यावासी और उस क्षेत्र के समस्त जनमानस में नए उत्साह का संचार हुआ है।

उन्होंने यह जानकारी श्रीराम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम के लौटने के बाद विशेष बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि जब से श्री राम मंदिर को लेकर संघर्ष अभियान का वातावरण चला है तब से कहीं-न-कहीं अयोध्या में, अयोध्यावासियों में कुछ निराशाएं सी व्याप्त थी। श्रीराम मंदिर के शिलान्यास से प्रत्येक अयोध्या वासी के चेहरे पर एक नया उल्लास आया है। भविष्य की अयोध्या को लेकर उनके मन में बहुत सी संभावनाएं दिखाई दी और यह सत्य भी है। श्री राम मंदिर निर्माण से जहां एक ओर करोड़ों राम भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है, वहीं अब अयोध्या नगरी विश्व भर के लिए पर्यटन का एक विलक्षण केंद्र भी बनने जा रही है। यही नहीं अयोध्या का सूनापन जो वर्षों से दिखाई दे रहा था अब दूर हो गया है। मंदिर निर्माण केवल मंदिर तक ही सीमित नहीं रहने वाला राम मंदिर एक ऐसी प्रेरणा बनेगा, जहां प्रभु राम के आदर्श व्यावहारिक रूप में दिखाए जाएंगे। विश्व के सामने संदेश जाएगा कि राम वो है जो निषाद को भी गले लगा सकते हैं। जो भील जाति की शबरी के पास स्वयं जाकर उसके झूठे बेर फल खा सकते हैं तो इस समरसता का संदेश यहां से विश्व के सामने जाएगा। इस ढंग से जहां एक ओर अयोध्या का स्वरूप नया बनेगा, अर्थ तंत्र मजबूत होगा वहीं साथ-ही-साथ अयोध्या पूरे विश्व के लिए पर्यटन की ²ष्टि से आदर्श का केंद्र बनेगी ।

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