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- दिन भर धूप खिलने के बाद भी नहीं मिल रही ठंड से राहत

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र

पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी के चलते मैदानी क्षेत्र में ठिठुरन ने दस्तक दे दी है। रात के समय ठंड गहराने लगी है। इस ठंड के चलते दिन ढलने के बाद ही बाजार में सूनापन छा जाता है। वहीं गांवों में ग्रामीण अब पहले की अपेक्षा जल्दी बिस्तर में घुस जाते हैं।

दिन में अब भले ही धूप ग्रामीणों को खूब राहत दे रही है। मगर पश्चिमी हवाएं ठंड का कहर बरपाने लगी हैं। जम्मू कश्मीर, शिमला व मनाली के ऊपरी इलाके सहित सभी पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। इसका असर पहाड़ी क्षेत्र से सटे मैदानी इलाके पर नजर आने लगा है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 8.4 तथा अधिकतम 24.6 रहा। हालांकि दिन भर धूप खिली रही।

नवंबर के पहले सप्ताह में धुंध के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। ठंड के कारण खेतों गीले होने के कारण बिजाई के लिए तैयार नहीं हो रहे थे, लेकिन अब मौसम साफ होने से खेत सूखे रहे हैं, जिससे किसान गेहूं की बिजाई में लग हैं। किसानों का कहना है कि पश्चिमी हवाओं से सुबह-शाम की ठंड तो बढ़ी है, मगर दिन में अच्छी धूप निकल रही है। संवाद सहयोगी, इस्माईलाबाद के अनुसार सूर्य अस्त होने के बाद ठंड अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। दुपहिया पर सवेरे व शाम को सफर करना आसान नहीं रह गया है। दुपहिया पर ठंड अधिक परेशान करने लगी है। हालांकि अभी कोहरे से राहत है मगर तीखी हवाएं अपना रूप दिखा रही हैं। ग्रामीण अंचल में लोग अब कंबल के सहारे बाहर निकलने लगे हैं। सवेरे की सैर पर निकलने वालों की संख्या तेजी से घटी है। ग्रामीण संजीव धवन, तरसेम कौशल और संजय ¨सगला ने बताया कि दो दिन से ठंड अधिक बढ़ी है। इन ग्रामीणों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड अधिक बढे़गी। ठंड के चलते बाजार अंधेरा ढलते ही सूने होने लगे हैं। अधिकांश दुकानदार अंधेरा होते ही घरों के लिए निकल लेते हैं। शहर में आए लोग सूर्य अस्त से पहले घर की राह पकड़ लेते हैं। ठंड के चलते रात के समय अंबाला हिसार हाइवे पर पहले की अपेक्षा यातायात काफी कम हो गया है। अधिकांश यात्री रात के सफर से किनारा करने लगे हैं। वहीं परिवहन विभाग की रात के समय बसों की भी संख्या कम होने लगी है। देर रात बस सेवा अब बेहद कम हो गई है।