जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि नवरात्र उत्सव निर्बलता से सबलता का संदेश दे रहे हैं। यह उत्सव समाज में भारतीय सनातन परंपराओं का भी प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने यह बात रेलवे रोड स्थित भारत सेवाश्रम संघ में दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा उत्सव में कही। उन्होंने कहा कि इस तरह के उत्सव समाज को अंधेरे से उजियारे और अमंगल से मंगल की प्रेरणा देते हैं। यह दुर्गाष्टमी का पावन पर्व है। यह पूरे देश में ही नहीं पूरे विश्व में मनाया जाता है। कुरुक्षेत्र में पश्चिमी बंगाल के भाव के साथ मनाया गया यह उत्सव एकता व अखंडता का संदेश दे रहा है। आश्रम में दुर्गापूजा उत्सव के मौके पर पश्चिमी बंगाल के कलाकारों की ओर से मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, गणेश, मां सरस्वती और कार्तिक भगवान की मूर्तियां देहरादून से तैयार कर भेजी गई हैं।

समिति के सदस्य डा. सौरभ चौधरी ने बताया कि चार दिवसीय उत्सव के दौरान हर रोज सुबह शाम मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जा रही है। इस मौके पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा भी पूजा में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि दशहरा पूजन के दिन पूर्जा अर्चना के बाद सभी मूर्तियों को जल में विसर्जित किया जाएगा। इससे पहले पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग और उपायुक्त मुकुल कुमार से भारत सेवाश्रम संघ पहुंचकर दुर्गा उत्सव में हिस्सा लिया है। इस अवसर पर दुर्गा पूजा समिति के प्रधान अबीर मुखर्जी, सचिव भागीरथ दास, डा. पुष्पिता मुखर्जी, प्रो. डी मुखर्जी, पी चौधरी, डा. पाल, डा. विश्वास व अरूप दास मौजूद रहे।

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