जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : प्रदेश सरकार की तरफ से स्वरोजगार स्थापित करने के लिए निगम के माध्यम से अनेकों योजनाएं लागू की है। इन योजनाओं का पात्र व्यक्ति लाभ उठाकर अपना रोजगार स्थापित कर सकता है। जिले के दिव्यांगजनों के आर्थिक व सामाजिक उत्थान के लिए प्रार्थियों को ऋण की सुविधा भी दी जा रही है। इस ऋण से प्रार्थी अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं।

हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम कुरुक्षेत्र की जिला प्रबंधक सरोज कुमारी ने कहा कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे है, बीपीएल परिवार, को अपना स्वयं रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे योग्य प्रार्थी जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 49 हजार रुपये से अधिक व शहरी क्षेत्रों में 60 हजार रुपये से अधिक न हो, अपना स्वयं कारोबार करने के लिए बैंकों के माध्यम से 1.50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना के तहत योग्य प्रार्थी को पशु पालन, करियाना दुकान, बुटिक, ब्यूटी पार्लर, मनियारी दुकान, झोटा बुग्गी, खच्चर रेहड़ा, सूअर पालन या अन्य कोई लाभप्रद आय उपार्जन योजना के लिए उपलब्ध करवाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि निगम की ओर से अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान व 10 प्रतिशत मार्जिन मनी 4 फीसद ब्याज दर उपलब्ध करवाया जाता है और बकाया ऋण बैंकों की ओर से दिया जाता है। इसके लिए आवेदक हरियाणा का स्थाई निवासी हो, वह स्वयं सफाई कर्मचारी हो या उस पर आश्रित हो को स्थानीय राजस्व अधिकारी, उपमंडल अधिकारी, नगर परिषद, नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी की ओर से जारी किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं स्कीम का लाभ लेने के लिए विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदक ऋण के लिए आनलाइन आवेदन कर सकता है।

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