जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान जारी हैं। गांव आलमपुर के सरपंच मंगलवार और बुधवार को गांव की गलियों में निकलकर ग्रामीणों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। इसी के साथ-साथ दैनिक जागरण ने भी सरपंचों के घरों के बाहर जागरूकता पोस्टर लगाए। पंचायत प्रतिनिधि लगातार किसानों को पराली से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूक करने में जुटे हैं।

गांव आलमपुर के सरपंच रजनीश ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से ग्रामीणों को जागरूक करने में जुटे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पराली जलाने से किसान का तो नुकसान होता ही है साथ पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है। पराली में आग से खेत की मिट्टी सख्त हो जाती है। इस मिट्टी के सख्त होने पर यह पानी को सोखना बंद कर देती है, जिस कारण खेत में पानी खड़ा रहता है और फसल को नुकसान होता है। इसके साथ ही पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ने पर बीमारियां भी बढ़ती जाती हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए भी पराली में आग लगाने से परहेज करना होगा। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि फसल अवशेषों को खेत की मिट्टी में मिलाने के लिए सरकार सब्सिडी पर आधुनिक उपकरण मुहैया करवा रही है। गांव में लगाए पोस्टर

गांव धनौरा जाटान के सरपंच बाबू राम ने कहा कि उन्होंने गांव में दैनिक जागरण के द्वारा तैयार करवाए गए जागरूकता पोस्टर लगवाए हैं। लोग इन्हें देखकर जागरूक हो रहे हैं।

Posted By: Jagran

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