जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : आज भारतीय सिविल सर्विसेज डे है। कोरोना के साथ इस लड़ाई में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का सीधा मुकाबला है। उन पर इसकी रोकथाम, पीड़ितों के इलाज के साथ कानून एवं व्यवस्था की जिम्मेदारी है। डीसी व एसपी अपने ऑफिस के साथ घर पर भी इसको काबू पाने की प्लानिग और व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं। अल सुबह हो या फिर देर रात को एक छोटी सी कॉल पर इनका रिस्पॉन्स रहता है। इसी प्लानिग और जज्बे के चलते कोरोना धर्मनगरी में अब तक दाखिल नहीं हो सका। एक संदिग्ध केस सामने भी आया तो हिम्मत नहीं हारी, बल्कि इस पर जीतने के लिए दिनरात एक कर दिया। आखिर में कोरोना पर जीत दर्ज की। आइये इन अधिकारियों की सेवाओं के बारे में आपको बताते हैं। फोटो-22

कोरोना के साथ जरूरतमंदों की मदद थी बड़ी चुनौती

डीसी धीरेंद्र खड़गटा कोरोना की लड़ाई में कमांडर की भूमिका में हैं। उनके सामने कोरोना वायरस के लड़ने के साथ जरूरतमंदों की मदद बड़ी चुनौती थी। वे पहले दिन से ही एक्शन में रहे। सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहे और मैसेज मिलते ही तुरंत समाधान करते थे। उन्होंने बताया कि ऑफिस में इसकी प्लानिग के साथ इसको लागू करते थे। इसके साथ घर पर भी ऑफिस जैसा माहौल बन गया था। अधिकारियों के साथ देर रात तक मीटिग करना और उनसे हर विषय की रिपोर्ट लेनी होती थी। अब गेहूं व सरसों खरीद कार्य सावधानियों के बीच शुरू कराया। सोमवार को सुबह ही मंडियों का दौरा किया। इसके बाद शेल्टर होम में पहुंचकर सामाजिक संस्थाओं को आगे लेकर आए। अन्य विषयों के इश्यू देर किए। जिले के लोगों से अपील है कि वे कोरोना की लड़ाई में लॉकडाउन का पालन करें और शारीरिक दूरियां बनाकर रखें। 24 घंटे ड्यूटी के साथ पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया

फोटो-23

एसपी आस्था मोदी कोरोना की लड़ाई में 24 घंटे ऑन ड्यूटी रहीं। इसी का परिणाम है कि जिले में आने वाले जमातियों की पहचान तुरंत हो गई। किसी तरह की गड़बड़ी या उत्पात नहीं होने दिया गया। यह सब उनके कुशल नेतृत्व के बलबूते हो सका। वे रोजाना जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में जाकर पुलिस कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा रही हैं। आस्था मोदी का कहना है कि पुलिस अधिकारी पर दोहरी जिम्मेदारी होती है। आपदा के वक्त पुलिस अधिकारी के सामने कानून का पालन करने के साथ नैतिक जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आमजन और पुलिस के बीच की कड़ी को भी जोड़े रखना जरूरी है। कोरोना जैसी महामारी के समय पुलिस की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है। जनता अपने अधिकारों के साथ अपनी ड्यूटी को भी याद रखें। वह इस दौरान अपने परिवार को इतना समय नहीं दे पाई हैं। होली के बाद परिवार से नहीं मिली हैं अंडर ट्रेनी आइपीएस उपासना

फोटो-24

अंडर ट्रेनी आइपीएस उपासना के पास पिपली थाने की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए पुलिस सबसे आगे है। वह उन लोगों के संपर्क में आ रही हैं जिन्हें खुद मालूम नहीं है कि वे कहीं कोरोना जैसे संक्रमण से पीड़ित नहीं हैं। लगातार ड्यूटी करते-करते उन्हें लगभग एक माह बीत चुका है। वह अपनी ड्यूटी को ही सेवा मानती हैं। होली के बाद अपने परिवार से नहीं मिली हैं, उसके बाद से लगातार ड्यूटी दे रही है। पुलिस की 24 घंटे की ड्यूटी के दौरान कहीं से कोई सूचना आ जाए इसके लिए वे हमेशा तैयार रहती हैं। अपने साथ-साथ अपने अधीनस्थ स्टाफ को भी वे ईमानदारी व निष्ठापूर्वक ड्यूटी देने के लिए प्रेरित करती रहती हैं।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस