जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देना होगा। आज प्रत्येक अभिभावक के मन में अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर दुविधा है। इस दुविधा को दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम छात्रों को रोजगार मुखी शिक्षा देना है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा के माध्यम से ही युवा पीढ़ी आत्मनिर्भर बनेगी। वह मंगलवार को यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में वर्तमान परि²श्य में छात्रों के लिए करियर की संभावना विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण पूरे विश्व भर में स्कूली शिक्षा सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। देश में इन विषम परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सरकार ने उत्तम कार्य करने की कोशिश की है। विश्व भर में जिस तरह का माहौल बना हुआ है उसे देखते हुए छात्रों का मार्गदर्शन करना अत्यंत आवश्यक है। स्कूल की ओर से आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का जो प्रयास किया गया है निश्चित तौर पर अभिभावकों के मन में अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर जो उलझने हैं वह दूर होंगी। वर्तमान में छात्रों को ऐसी शिक्षा दी जाए, जिससे उनमें सीखने और कमाने की इच्छा जागृत हो। इस मौके पर प्रधानाचार्य डा. एमएम सिंह ने कुपलति का स्वागत किया। स्कूल के पूर्व छात्र एवं कुवि के शोध सहायक विक्रम सिंह ने छात्रों को स्टार्ट-अप-इंडिया के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू करने के विषय में बताते हुए कहा कि वर्तमान में किन-किन लोगों ने स्टार्ट-अप-इंडिया के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू किया और कामयाबी हासिल की। तीसरी वक्ता हंगरी के टोमारी पाल कालेज की डा. होबिल हेनरीता नेगी ने विद्यार्थियों को हंगरी में पढ़ने व व्यवसाय के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर शिक्षिका दीक्षा, डा. सुशील टाया मौजूद रहे।

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