जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :

ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा किए जा रहे कार्यों से संतुष्ट न होने पर उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया ने संस्थान के निदेशक केएल तोगला को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरसेटी की गतिविधियों को लेकर मंगलवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक में निदेशक में अपडेट न होने पर लक्ष्य अनुसार काम न होने पर उपायुक्त ने उन्हें लताड़ लगाई। उपायुक्त ने साफ कहा कि देहाती लोगों को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण देकर उनके स्वरोजगार स्थापित करवाने पर आरसेटी एक महत्वपूर्ण संस्थान है, लेकिन यही संस्थान अच्छी तरह से काम नहीं कर रहा है। इस तरह की लापरवाही कतई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब आरसेटी निदेशक को महीने में दो बार अतिरिक्त उपायुक्त के साथ बैठक कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

आरसेटी द्वारा मधुमक्खी पालन, डेयरी और वर्मी कंपोस्ट, सिलाई कढ़ाई, मशरूम तैयार करने, फल और सब्जियों का सरंक्षण, मोबाईल रिपेयर सहित 65 व्यवसायों में प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाता है। लेकिन इनमें से ज्यादातर व्यवस्याओं में प्रशिक्षण को लेकर आरसेटी द्वारा कोई काम नहीं किया गया है। इतना ही नहीं साल भर में 750 का लक्ष्य होने पर भी अभी तक 266 को युवाओं को ही प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने निदेशक केएल तोगला सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। जिनका देहात के हर व्यक्ति तक लाभ पहुंचना चाहिए ताकि वह अपना सामाजिक और आर्थिक स्तर बेहतर बना सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरसेटी का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनकी रूचि अनुसार व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रदान करके उनका स्वयं का कारोबार स्थापित करवाना है, लेकिन इस दिशा में संस्थान का कार्य ढीला है।

Posted By: Jagran