फोटो-8, 9 और 12 -केडीबी व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के तत्वावधान में 25वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया -गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प किया अर्पित

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को विकास के पथ पर लेकर चलने जाने वाले भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. गुलजारी लाल नंदा को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया। ब्रह्मासरोवर के पूर्वी छोर स्थित सदाचार स्थल पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को श्रद्धांजलि दी गई। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, डीसी मुकुल कुमार, कुवि के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सीईओ केडीबी अनुभव मेहता, नंदा सदाचार स्थल के प्रभारी प्रो. एलके गौड़ ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प चक्र अर्पित किए। विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भजनों प्रस्तुति दी। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भारत रत्न स्व. गुलजारी लाल नंदा श्रीकृष्ण भगवान के उपासक थे। उन्होंने कुरुक्षेत्र में संग्रहालय स्थापित करने के साथ ब्रह्मासरोवर का निर्माण और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की स्थापना करने जैसे कई बड़े काम किए हैं। उनके इस योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर कुरुक्षेत्र के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को और अधिक विकसित करना चाहिए। सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि सदाचार स्थल भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है और यहां पर नंदा के विचारों पर चितन करने का काम किया जा रहा है।

पूर्व पीएम नंदा प्रेरणा के स्त्रोत : सुधा

विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल सात साल से कुरुक्षेत्र और 48 कोस के तीर्थों को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. गुलजारी लाल नंदा प्रेरणा के स्त्रोत हैं। उन्होंने कुरुक्षेत्र के विकास के लिए सराहनीय कार्य किया। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि गीता स्थली ज्योतिसर 200 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है और यहां पर आधुनिक तकनीकी से युवाओं को महाभारत और पवित्र ग्रंथ गीता से आत्मसात करवाया जाएगा। इतना ही नहीं इस भूमि पर अक्षरधाम, गीता केंद्र, श्री तिरुपति बालाजी मंदिर और इस्कान मंदिर के निर्माण होने से कुरुक्षेत्र को विश्व में एक नई पहचान मिलेगी। केंद्र और प्रदेश सरकार भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा के सपनों को साकार करने का काम कर रही है।

अतिथियों का किया स्वागत

सदाचार स्थल के इंचार्ज प्रो. एलके गौड़ ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर केडीबी सदस्य डा. सौरभ चौधरी, विजय नरुला, केसी रंगा, डा. महासिंह पूनिया, सुरेश सैनी कुक्कू, रतनलाल बंसल, खरैती लाल सिगला व विनोद गर्ग मौजूद रहे।

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