जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि रत्नावली जैसे कार्यक्रम टीम वर्क से ही आयोजित हो पाते हैं। जब सब मिलकर अपनी तरफ से योगदान देते हैं तभी एक गुणवत्तापूर्ण व विश्वविद्यालय के स्तर के कार्यक्रम सफल होते हैं और इसमें विद्यार्थियों का हमेशा ही सबसे अहम योगदान होता है। वे बुधवार को युवा संास्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से वालिंटियर के लिए आयोजित सर्टिफिकेट वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

कुलपति ने कहा कि हर वर्ष विश्वविद्यालय के विद्यार्थी दिल से इस सांस्कृतिक महोत्सव की तैयारियां करते हैं। इसी का परिणाम है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पिछले 34 वर्षो से हरियाणा की युवा शक्ति के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में सफल हो पा रहा है। उन्होंने इस प्रयास के लिए युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, उप-निदेशक डॉ. हितेन्द्र त्यागी, उनकी टीम व विद्यार्थियों को बधाई दी। इस मौके पर कुलपति ने विभिन्न टीमों में कार्य करने वाले विद्याíथयों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने कुलपति के मार्गदर्शन में विद्याíथयों के सहयोग से रत्नावली महोत्सव विश्वविद्यालय की आशाओं के अनुरूप रहा है। इस कार्यक्रम में जिस स्तर की अपेक्षा थी, उसी स्तर के कार्यक्रम विभिन्न मंचों के माध्यम से हुए हैं। इसके सफल आयोजन में विद्यार्थियों का अहम योगदान है। रत्नावली की परंपरा के अनुरूप विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अगली रत्नावली में और अधिक संख्या में जुड़े और ऐसे आयोजनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। इस मौके पर डॉ. हितेंद्र त्यागी ने कुलपति का धन्यवाद किया।

Posted By: Jagran

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