जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : भारतीय किसान यूनियन हरियाणा (मान गुट) के प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश द्वारा सिखों पर अभद्र टिप्पणी किए जाने से अक्रोशित अलग-अलग सिख जत्थेबंदियों ने महापंचायत की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के प्रधान मनजिदर सिंह सिरसा की अगुवाई में इस महापंचायत में आगामी रणनीति तैयार कर आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा।

कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में एक अगस्त को होने वाली इस सिख महापंचायत को सफल बनाने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यही नहीं इसके प्रचार-प्रसार का उत्तरदायित्व भी टीमों को सौंपा है। यह टीमें 21 सदस्यीय कमेटी के साथ मिल कर हरियाणा प्रदेश में न सिर्फ सिख संगत, बल्कि 36 बिरादरी के प्रतिनिधियों को सिख महापंचायत में शामिल होने का न्यौता देंगी। यह फैसला ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में सिख जत्थेबंदियों एवं संगत ने बैठक में विचार-विमर्श करके लिया।

सिख परिवार हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष कवलजीत सिंह अजराना ने बताया कि जिला प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सिखों पर अभद्र टिप्पणी कर दस्तार व दाढ़ी का अपमान करने वाले भारतीय किसान यूनियन हरियाणा (मान ग्रुप) के प्रदेशाध्यक्ष गुणी प्रकाश द्वारा न तो अभी तक माफी मांगी गई है और न ही जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है। यही नहीं, इस बारे में एक लिखित शिकायत पुलिस को भी दी गई थी, मगर अफसोसजनक बात है कि जिला पुलिस प्रशासन द्वारा भी इस संदर्भ में कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

सिख संगत द्वारा रोष जताते हुए गुणी प्रकाश व उसके साथियों पर केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। कोई भी संतोषजनक कार्रवाई न होने से अक्रोशित सिख संगत ने अब सिख महापंचायत की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान मनजिदर सिंह सिरसा की अगुवाई में इस महापंचायत में आगामी रणनीति तैयार कर आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय कथावाचक ज्ञानी तेजपाल सिंह ने मांग की कि गुणी प्रकाश व उसके साथियों पर आपराधिक केस दर्ज किया जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर सकें। इस दौरान एसजीपीसी सब आफिस एडिशनल सेक्रेटरी डा. परमजीत सिंह सरोहा, प्रभारी परमजीत सिंह दुनियामाजरा, शिरोमणि अकाली दल कुरुक्षेत्र जिला के शहरी प्रधान तजिदर सिंह मककड़, सुखबीर सिंह, गुरमीत सिंह, जसबीर सिंह, सरबजीत सिंह व हरपिदर सिंह मौजूद रहे।

Edited By: Jagran