संवाद सहयोगी, इस्माईलाबाद :

नगरपालिका भंग करवाने की मांग को लेकर लोग अनाज मंडी के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए हैं। यह धरना अनिश्चितकाल के लिए चलेगा। धरना स्थल पर जमा लोगों ने दूसरे दिन ऐलान किया है कि वे निकाय चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ऐसे में मामला अब तूल पकड़ चुका है।

पिछले कई माह से नगरपालिका तोड़कर ग्राम पंचायत बहाल करने की मांग उठ रही थी। अब इस मांग को लेकर आखिरकार लोग ग्राउंड पर डट गए हैं। यहां अनाज मंडी के मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर दिनरात का धरना आरंभ कर दिया गया है। धरना स्थल की कमान संभालने वाले पुनीत गर्ग ने कहा कि निकाय चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।

ग्राम पंचायत बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा

उन्होंने कहा कि नगरपालिका से एनओसी, प्रापर्टी आइडी और टैक्स की वजह से लोग परेशान आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कस्बे के लोग मेहनत मजदूरी से जुड़े हुए हैं, जो कि टैक्स व अन्य खर्च वहन नहीं कर सकते हैं। गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार हिसार के बास और आदमपुर की नगरपालिका को भंग कर चुकी है। गर्ग ने कहा कि ग्राम पंचायत बहाली तक संघर्ष जारी रखा जाएगा। इस मौके पर नरेंद्र कौशल ने कहा कि इस मांग को कई बार मंत्रियों के समक्ष उठा चुके हैं। मगर सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला है। अब शांतिपूर्ण धरना मांग पूरी होने तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो भूख हड़ताल भी आरंभ की जाएगी। इस मौके पर वीर कुमार गोयल, भगवान दास गोयल, जितेंद्र कुमार, अनिल निम्मा, बिट्टू मल्होत्रा मौजूद रहे।

वर्ष 2018 में मिला था दर्जा

इस्माईलाबाद को वर्ष 2018 में नगरपालिका का दर्जा मिला था। उसके एक साल बाद से लोग परेशान हैं। अब आरोप यहां तक लग रहे हैं कि गलियों की हालत बदतर हो चली है और सफाई के नाम पर केवल झूठ का ढोल पीटा जा रहा है। पोर्टल के नाम पर विकास के काम ठप पड़े हैं।

Edited By: Jagran