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12 साल बाद घर लौटने वाला था विक्की, आ गई मौत की खबर; अमेरिका में हादसे ने छीनी जिंदगी

Published: Sat, 19 Sep 2026 04:19 PM (IST)

पिहोवा के सिकंदरा कॉलोनी निवासी 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की अमेरिका के इंडियाना में एक सड़क हादसे में मौत हो ...और पढ़ें

पिता से फोन पर कही थी जल्द भारत आने की बात, फिर आई मौत की खबर।

पिता से फोन पर कही थी जल्द भारत आने की बात, फिर आई मौत की खबर।

HighLights

  1. अमेरिका के इंडियाना में सड़क हादसे में विक्की अरोड़ा की मौत

  2. गलत साइड से आए ट्राले को बचाने में हुआ हादसा, 20 फीट नीचे गिरा

  3. 12 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में था, परिवार को इंतजार

संवाद सहयोगी, पिहोवा। सिकंदरा कालोनी निवासी 34 वर्षीय विक्की अरोड़ा की अमेरिका के इंडियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा 17 सितंबर की रात करीब ढाई बजे हुआ। विक्की ट्राला चालक था और सामान लेकर हाईवे से जा रहा था।

इसी दौरान सामने से गलत साइड में आए दूसरे ट्राले को बचाने के प्रयास में उसका ट्राला अनियंत्रित होकर हाइवे किनारे लगे बैरियर से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा।

सिर के बल गिरने से उसे गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

विक्की के चाचा राजकुमार उर्फ राजू ने बताया कि अमेरिका के समय के अनुसार 17-18 सितंबर की रात करीब ढाई बजे विक्की सामान लेकर ट्राला चला रहा था। आहयो शहर के पास हाईवे पर अचानक सामने से गलत दिशा में दूसरा ट्राला आ गया।

उसे बचाने के प्रयास में विक्की का ट्राला बेकाबू होकर बैरियर से जा टकराया। टक्कर के बाद विक्की ट्राले की खिड़की से करीब 20 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा।

सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। सोमवार को पोस्टमार्टम होने की बात कही जा रही है। इसके बाद शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

12 साल बाद घर लौटने वाला था विक्की

परिवार को विक्की के भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार था। वह करीब 12 साल बाद स्थायी रूप से घर लौटने की तैयारी कर रहा था। विक्की ने 16 सितंबर को अपने पिता कश्मीरी लाल से फोन पर बात की थी और जल्द घर आने की बात कही थी।

उसने भारत लौटकर यहीं कोई व्यापार शुरू करने की इच्छा भी जताई थी। परिवार इस खबर से खुश था, लेकिन अगले ही दिन हुए हादसे ने उनकी खुशियां मातम में बदल दीं।

2014 में अमेरिका गया था

स्वजनों के अनुसार विक्की वर्ष 2014 में अमेरिका गया था। उसे अमेरिका भेजने में परिवार ने करीब 45 से 50 लाख रुपये खर्च किए थे। परिजनों के मुताबिक एजेंट के माध्यम से वह डंकी के रास्ते अमेरिका पहुंचा था और करीब दो वर्ष की प्रक्रिया के बाद वहां पहुंचा। इसके बाद वह अमेरिका में ट्राला चलाकर परिवार का सहारा बना हुआ था।

पिता और भाई के साथ रह गया परिवार

विक्की के बड़े भाई सोनू अरोड़ा की पिहोवा के मेन बाजार में जूस की दुकान है। उसकी मां राजरानी का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो चुका है। अब परिवार में पिता कश्मीरी लाल और भाई सोनू हैं।

चाचा राजकुमार ने बताया कि विक्की का शव फिलहाल आहयो के अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा है। पोस्टमार्टम के बाद शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

आठ हजार डालर खर्च का अनुमान, सरकार से मदद की गुहार

राजकुमार के अनुसार आहयो से इंडियाना तक शव ले जाने और अन्य आवश्यक प्रक्रिया में करीब आठ हजार डालर का खर्च बताया गया है।

परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि विक्की का शव जल्द भारत लाने में सहायता की जाए, ताकि परिवार उसका अंतिम संस्कार कर सके।