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कुरुक्षेत्र में प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने टाला रोष मार्च, परमल धान की MSP पर अड़े अन्नदाता

Published: Fri, 11 Sep 2026 02:16 PM (IST)

पिहोवा में आयोजित किसान महापंचायत में किसानों ने 15 सितंबर से परमल धान की एमएसपी पर सरकारी खरीद सहित कई मांगें उठाईं।

पिहोवा में आयोजित किसान महापंचायत में प्रदेश भर से पहुंचे किसान।

पिहोवा में आयोजित किसान महापंचायत में प्रदेश भर से पहुंचे किसान।

HighLights

  1. 15 सितंबर से परमल धान की एमएसपी पर खरीद की मांग।

  2. किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल दोबारा खोलने की अपील की।

  3. एसडीएम और डीसी के आश्वासन पर किसानों ने रोष मार्च टाला।

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। स्थानीय अनाज मंडी में हरियाणा किसान मजदूर मोर्चा की ओर से वीरवार को प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। करीब तीन घंटे चली महापंचायत में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 10 किसान संगठनों ने एकजुट होकर किसानों और पशुपालकों से जुड़े मुद्दों को उठाया।

किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होती और बातचीत के माध्यम से उनकी मांगों का समाधान नहीं निकलता तो किसान संगठन दोबारा बैठक कर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। महापंचायत में किसानों की ओर से 9 प्रमुख मांगों को लेकर मांगपत्र तैयार किया गया।

महापंचायत के दौरान किसानों ने पिहोवा अनाज मंडी से एसडीएम कार्यालय तक रोष मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद पिहोवा के एसडीएम राहुल कुमार स्वयं किसान महापंचायत में पहुंच गए।

एसडीएम ने किसान प्रतिनिधियों से उनकी मांगों को लेकर बातचीत की। इसके बाद किसानों ने रोष मार्च निकालने का निर्णय स्थगित कर दिया।

15 सितंबर के बाद तय होगी आंदोलन की रणनीति भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने कहा कि महापंचायत में किसानों ने अपनी सभी प्रमुख समस्याएं प्रशासन के सामने रख दी हैं। यदि 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय होता है तो किसान संगठन बातचीत का स्वागत करेंगे।

यदि बैठक के बाद भी किसानों की मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता है तो किसान संगठनों की दोबारा बैठक बुलाकर आगामी रणनीति तय की जाएगी।

ये संगठन हुए शामिल

महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन पगड़ी संभाल जट्टा, शहीद भगत सिंह किसान संगठन, सर छोटूराम किसान संगठन, भारतीय किसान एकता, भारतीय किसान यूनियन पिहोवा, राष्ट्रीय मजदूर-किसान मंच, भारतीय किसान यूनियन चरखी दादरी, किसान-मजदूर संगठन हरियाणा, किसान भवन पानीपत तथा भारतीय किसान पंचायत सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

किसानों के बीच पहुंचे डीसी, खुद पढ़ी मांगें

महापंचायत के दौरान कुछ देर बाद उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा भी किसानों के बीच पहुंचे। किसान प्रतिनिधियों ने उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। डीसी ने किसानों के सामने ही मांगपत्र को पढ़ा और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत करने का भरोसा दिया।

उन्होंने कहा कि अगले 2-3 दिनों में हरियाणा सरकार व किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच बैठक करवाने का प्रयास करने किया जाएगा।

ये रहीं किसानों की प्रमुख मांगें

किसान संगठनों की सबसे प्रमुख मांग परमल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने को लेकर रही। इसके अलावा मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल दोबारा खोलने, धान में नमी की सीमा को 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने, धान खरीद से जुड़े कथित घोटाले में अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने, नरमा-कपास की सरकारी खरीद समय पर शुरू करने, आगामी पिराई सीजन में गन्ने का भाव बढ़ाकर 650 रुपये प्रति क्विंटल करने, दूध का रेट बढ़ाने, वीटा की ओर से दूध के बेस रेट में कटौती न करने जैसी मांगें उठाई।