संवाद सहयोगी, पिहोवा : विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। कई जगह एजेंटों के बीच में छोटी-मोटी नोंक झोंक भी हुई। बार-बार एजेंटों के मतदान केंद्र में प्रवेश करने और मोबाइल पर बात करने का विरोध किया गया। डेरा मंगलगीर में बने मतदान केंद्र में 57 वर्षीय दिव्यांग सुनीता रानी को व्हीलचेयर नहीं मिली। हालांकि जैसे-जैसे दिन बढ़ा मतदान भी घटता बढ़ता रहा।

सुबह सात बजे शुरू हुए मतदान के दौरान पहले एक घंटे में 10 प्रतिशत वोट पोल हुई। जबकि दोपहर को गति धीमी हो गई। इस बार मतदान केंद्रों पर अधिक भीड़ नहीं दिखाई दी। सुबह 10 बजे तक वोट प्रतिशत 30 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जबकि 12 बजे 43 प्रतिशत तक वोटिग हुई। 12 बजे के बाद सभी पोलिग बूथ पर मतदान बिल्कुल धीमा पड़ गया। लोगों ने दोपहर का भोजन के कारण 12 से तीन बजे तक महज सात प्रतिशत मतदान किया। फिर चार बजे तक यह 56 प्रतिशत तक पहुंचा। शाम को मतदान धीमा ही चला और पांच बजे तक 63 प्रतिशत व अंतिम एक घंटे में महज करीब चार प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान देखा गया कि सभी प्रत्याशी अपने-अपने बूथों का दौरा कर रहे थे और अपनी पैनी नजर बनाए हुए थे। भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। ड्यूटी पर सोता दिखाई दिया पुलिसकर्मी

विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए जहां चुनाव आयोग ने प्रशासन को सतर्कता बरतने के सख्त आदेश दिए हुए थे, लेकिन पिहोवा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बूथ नंबर 133 में पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर सोता दिखाई दिया। कई लोग मतदान केंद्र में एक साथ अंदर जा रहे थे। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था। फिर एक मतदाता द्वारा उस पुलिसकर्मी को जगाया गया और अपनी ड्यूटी पर तैनात रहने की अपील की।

Posted By: Jagran

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