जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : बेमौसमी बारिश में खेतों में दूर-दूर तक फसल बिछ गई है। मंडियों में भी किसान फसल को चाहकर नहीं बचा पाए। कई मंडियों में लाखों क्विंटल धान भीग गई। एजेंसियां भी खरीदा गया धान का पूरा उठान नहीं कर पाए। अधिकारियों की माने तो जिले में 6.95 लाख मीट्रिक टन में से 5.13 लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो पाया है। आसमान में छाए बादलों से धरतीपुत्रों की धड़कनें तेज हो गई है।

रविवार को मौसम के साथ पलटा लेने से शुरू बूंदाबांदी सोमवार को दिनभर रुक-रुककर चलती रही। जिले में औसतन 13.16 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक पिहोवा में 25 और शाहाबाद में 23 एमएम बारिश दर्ज की। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। बूंदाबांदी में सबसे अधिक नुकसान पककर तैयार धान की फसल को हुआ है। इसके अलावा नई बिजाई किए आलू को भी नुकसान हो सकता है। किसानों ने मौसम को देखते हुए आलू की बिजाई बंद कर दी है।

मंडियों में खरीद के साथ उठान कार्य तेज

डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि

जिले की मंडियों से 6 लाख 95 हजार 465 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। इसमें से फुड एंड सप्लाई ने 534747 एमटी, हैफेड ने 160502 एमटी और एफसीआई ने 216 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। अब तक मंडियों से 513058 मीट्रिक टन धान का उठान कार्य पूरा कर लिया गया है। जिले में 87905 किसानों की धान की फसल खरीदी जा चुकी है। इसमें अजराना कलां मंडी में 4689, बाबैन मंडी में 44610 एमटी, भौर सैयदां में 2095 एमटी, चढुनी जाटान में 2257 एमटी, गुमथला गढु में 18540 एमटी, इस्माईलाबाद में 80703 एमटी, झांसा में 19221 एमटी, कुरुक्षेत्र मंडी में 134759 एमटी, लाडवा मंडी में 86041 एमटी, लुखी मंडी में 349 एमटी, मलिकपुर मंडी में 2835 एमटी, नलवी मंडी में 4123 एमटी, पिपली मंडी में 42444 एमटी, पिहोवा मंडी में 121031 एमटी, शाहबाद मंडी में 108525 एमटी, ठोल मंडी में 20104 एमटी, थाना में 3139 एमटी धान की खरीद की है।

कहां कितनी बारिश

थानेसर 3 एमएम

पिहोवा 25 एमएम

शाहाबाद 23 एमएम

लाडवा 7 एमएम

इस्माईलाबाद 14 एमएम

बाबैन 7 एमएम

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बारिश ने किसानों को सताया

संवाद सहयोग, इस्माईलाबाद : दो दिन की बरसात और तेज हवाओं ने धान की बासमती और 1121 किस्म का अधिक नुकसान हुआ है। इस समय अनाज मंडी में परमल और टाईचून किस्म की आवक अधिक हो रही है। यह दोनों किस्में करीब 80 फीसद मंडी में पहुंच चुकी हैं। इस आवक पर भी बरसात जमकर भारी साबित हुई। किसान दो दिन से भीगे अनाज को लेकर मंडियों में डेरा डाले हुए हैं। खेतों में बारीक किस्म बासमती और 1121 व मुच्छल धान को भी नुकसान हुआ है। किसान नरेश कुमार और पवन कुमार ने बताया कि दो दिन बूंदाबांदी व तेज हवा ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। प्रति एकड़ पैदावार कम होगी और गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।

Edited By: Jagran