जासं, कुरुक्षेत्र: जयराम संस्थाओं के अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के जन्मोत्सव पर कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, ऋषिकेश, दिल्ली, बेरी (रोहतक), नरवाना, वृंदावन में फैली जयराम संस्थाओं में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के तट पर श्री जयराम पीठ में ट्रस्टियों एवं जयराम संस्कृत महाविद्यालय के ब्रह्मचारियों तथा वेद पाठियों ने अनुष्ठान और पूजन प्रारंभ किया। इसका समापन 29 मार्च को पूर्णाहुति के साथ होगा। ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि विश्व शांति और राष्ट्र एकता की अखंडता बनाए रखने के लिए आज के युग में यज्ञ का आयोजन होना बेहद जरूरी है। जीवन का सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, वही यज्ञ की पूर्णता है। धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों को सत्य प्रयोजन के लिए संगठित करना ही यज्ञ का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संस्कृत, संस्कृति व संस्कारों की वृद्धि के लिए सतत प्रयत्नशील रहना ही संत समाज का प्रमुख उद्देश्य है। इस मौके पर जयराम शिक्षण संस्थान के उपाध्यक्ष टी के शर्मा, निदेशक एस एन गुप्ता, राजेंद्र सिघल, श्रवण गुप्ता, के के कौशिक, पूर्व मंत्री देवेंद्र शर्मा, खरैती लाल सिगला, सुरेंद्र गुप्ता, प्राचार्य रणबीर भारद्वाज शामिल हुए।

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