जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :

एक साल में तीसरी बार कूड़ा डंप करने के लिए जगह ढूंढ रही थानेसर नगर परिषद अबकी बार एक साथ दो जगह चयनित करना चाहती है, ताकि एक जगह अगर कोई परेशानी हो तो दूसरी जगह पर शहर से एकत्रित किया गया कूड़ा डाला जा सके। किसी भी हालत में नप अब शहर वासियों को कूड़ा उठान की समस्या को लेकर मौका नहीं देना चाहती। इसीलिए इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। हर बार 10 से 15 दिन तक शहर से कूड़ा उठान की हुई समस्या गौरतलब है कि एक साल पहले गांव मथाना के कुछ ग्रामीणों ने उनकी जमीन पर कूड़ा डालने का विरोध जताया था। ग्रामीण इस दौरान धरने पर बैठ गए थे और उन्होंने नप प्रशासन को यहां कूड़ा डालने से रोक दिया था। विवाद होने की वजह से नप प्रशासन 21 से भी ज्यादा दिन तक यहां कूड़ा नहीं डाल पाया था। इसकी वजह से शहर से उठान नहीं हो पाया था और शहर में हर गली मोहल्ले में कूड़े के ढेर लग गए थे। इसके बाद गांव मुकीमपुरा में नप ने जगह ली तो यहां भी ग्रामीणों ने विरोध कर दिया था। यहां भी नप प्रशासन को पुलिस बल के साथ कूड़ा डालने के लिए जाना पड़ा था। इस दौरान करीब एक सप्ताह तक कूड़े को यहां नहीं डाला जा सका। अब फिर थानेसर नगर परिषद के सामने कूड़ा डालने के लिए जगह ढूंढने की समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में नप प्रशासन एक साथ दो अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा डालने के लिए चयनित करना चाहता है, ताकि एक जगह पर अगर कूड़ा डालने में कोई विरोध या दूसरी परेशानी हो तो दूसरी जगह पर नप कूड़ा डाल सके। दो जगह नप ने देखी जमीन, अभी फाइनल नहीं गांव कमोदा और किरमिच की ओर जाते हुए नप ने दो जगहों को चयनित किया है। हालांकि अभी इन जगहों को फाइनल नहीं किया गया है। मगर नप इन जगहों पर कूड़ा डालने के साथ-साथ हर तरीके से इस बात को जांच रही है कि अगर यहां कूड़ा डालना शुरू किया तो बीच में कोई विवाद खड़ा न हो जाए। ऐसे में नप हर दृष्टिकोण से स्थिति को आंकने में लगी हुई है। नप के मुख्य सफाई निरीक्षक रूपरविदर ने बताया कि अभी कूड़ा पुरानी जमीन पर ही डाला जा रहा है।

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