संवाद सहयोगी, बाबैन : बाबैन खंड के गांव रामसरन माजरा में घरों के दूषित पानी की स्थायी निकासी व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूषित पानी गांव की सड़क पर जमा हो जाता है। ऐसे में लोगों को खेतों में जाने के लिए दूषित पानी से होकर जाना पड़ता है।

ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, सतपाल, सुरेश कुमार व नरेश कुमार का कहना है कि गांव की आधी आबादी के घरों के दूषित पानी की निकासी की कोई भी स्थायी व्यवस्था नहीं है। पंचायत ने थोड़ी-सी जगह में गड्ढा खोदकर पानी निकासी के लिए मोटर लगाई थी। मोटर एक दिन बंद हो जाए तो पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। वे दूषित पानी निकासी के स्थायी प्रबंध की कई बार मांग उठा चुके हैं, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं किया गया है।

बरसात में पानी निकासी की खुली पोल

संवाद सहयोगी, इस्माईलाबाद : मौसम ने बुधवार को एक बार फिर करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली तो इस्माईलाबाद में निकासी की पोल खोलकर रख दी। जगह-जगह बरसात का पानी जमा हो गया।

दोपहर के समय तेज आंधी के बाद मेघ जमकर बरसे। इस बरसात से पंजाबी मोहल्ला व ब्राह्माण मोहल्ले की गलियां पानी से लबालब हो गई। थांदड़ा रोड और ठसका रोड पर जगह-जगह जल जमा हो गया। अनाज मंडी में निकासी व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई नजर आई। जगह-जगह पानी जमा हो गया। शहर के मुख्य नालों की हालत पतली नजर आई। ग्रामीणों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप्प पड़ा है। नालों की नियमित सफाई नहीं हुई। इसकी पोल एक घंटे की बरसात ने ही खोल कर रख दी। आने वाले बरसात के मौसम में हालात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। शहर के नालों का पानी उफान लेकर लोगों के घरों में ही घुस गया। हाई स्कूल रोड पर नालों का पानी सरकारी इमारतों के परिसरों से होकर गुजरा। सरकारी अस्पताल तक तालाब का रूप धारण किए रहा।