कुरुक्षेत्र NIT को जल्द मिलेगा नया निदेशक, केंद्रीय मंत्रालय में साक्षात्कार की प्रक्रिया तेज; कैंपस में दिख रहा प्रभाव
एनआईटी कुरुक्षेत्र को जल्द ही नया निदेशक मिलने की संभावना है, जिसके लिए केंद्रीय मंत्रालय में साक्षात्कार की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

कुरुक्षेत्र NIT को जल्द मिलेगा नया निदेशक। फाइल फोटो
HighLights
एनआईटी कुरुक्षेत्र को जल्द मिलेगा नया निदेशक।
केंद्रीय मंत्रालय में साक्षात्कार की तैयारियां जोरों पर।
लगभग 80 आवेदन प्राप्त, प्रक्रिया में तेजी।
विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) को जल्द निदेशक मिल सकता है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रालय में इसके लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। पिछले दिनों में एनआइटी बोर्ड आफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन के कार्यकाल छह तक बढ़ाने के बाद निदेशक नियुक्ति के काम में ओर तेजी आने की बात कही जा रही हैं। इसका प्रभाव एनआइटी परिसर में दिखाई देने लगा है।
एनआइटी में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे पदाधिकारी भी कई तरह के काम-काज को लेकर निर्णय लेते समय जल्द नया निदेशक मिलने की बात दोहरा रहे हैं। उनकी इन बातों को देखते हुए कई अलग-अलग जिम्मेदारियों संभाल रहे अधिकारियों ने भी जल्द से जल्द अपने सभी एजेंडों को पूरा करने के काम में भी तेजी ला दी है। गौरतलब है कि एनआइटी के पास पिछले करीब छह माह से नियमित निदेशक नहीं है।
कार्यकारी निदेशक को जिम्मेदारी
अप्रैल माह से एनआइटी की जिम्मेदारी कार्यकारी निदेशक को सौंपी गई है। निदेशक का इस्तीफा मंजूर किए जाने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से एक से 30 जून तक नए निदेशक की नियुक्त के लिए आवेदन मांगे गए थे। इस तय समय में करीब 80 आवेदकों ने अपने-अपने आवेदन किए हैं।
बताया जा रहा है कि इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र के शिक्षक भी शामिल हैं, इसके साथ ही देश भर के आइआइटी और एनआइटी में सेवाएं दे रहे पात्र शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। अब इन आवेदनों की छंटनी के बाद साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
एनआइटी परिसर में दिख रहा प्रभाव
नए निदेशक की नियुक्ति के लिए जल्द साक्षात्कार शुरू होने का प्रभाव एनआइटी परिसर में दिखाई दे रहा है। जिन शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन कर रखे हैं, उन्होंने अपने-अपने पैराेकारों की जी-हजूरी बढ़ा दी है।
वहीं एनआइटी परिसर में कुछ इस तरह के काम-काज निपटाया जा रहा है, जिन्हें कुछ पदाधिकारी नए निदेशक के जिम्मेदारी संभालने से पहले निपटाना चाहते हैं।
वहीं बहुत से ऐसे बड़े कामों को टरकाया भी जा रहा है, जिन्हें सीधे नए निदेशक को आने के बाद ही करना होगा। इनमें कई कर्मचारियों की लंबित पड़ी मांगों से भी जुड़े हुए हैं।
